प्रेम पर कविता – रवींद्रनाथ ठाकुर

आज मैं फिर से भारत के नोबल पुरस्कार विजेता कवि गुरुदेव रवींद्र नाथ ठाकुर की एक और कविता का अनुवाद प्रस्तुत कर रहा हूँ। यह उनकी अंग्रेजी भाषा में प्रकाशित जिस कविता का भावानुवाद है, उसे अनुवाद के बाद प्रस्तुत […]

जितने सूरज उगते देखे, उससे ज्यादा संग्राम रहे!

आज हिंदी कविता, विशेष रूप से गीतों के एक अनूठे हस्ताक्षर- स्व. भारत भूषण जी का एक और गीत शेयर कर रहा हूँ। भारत भूषण जी मेरे प्रिय गीत कवि रहे हैं और अनेक बार उनको मंचों से कविता-पाठ करते […]

जब मिलेगी रोशनी मुझसे मिलेगी!

आज हिंदी गीतों के एक अत्यंत लोकप्रिय हस्ताक्षर रहे स्व. रामावतार त्यागी जी का एक गीत शेयर कर रहा हूँ। इस गीत में त्यागी जी ने एक जुझारू कलाकार के जज़्बे को अभिव्यक्ति दी है, जो यह हौसला रखता है […]

वो मौसम तो गुज़र गया!

आज हिंदी गीतों के एक महान हस्ताक्षर स्व. गोपाल दास नीरज जी की याद आ रही है। हिंदी कविता और विशेष रूप से मंचीय गीत कवियों में अलग-अलग कवियों का जमाना रहा था। एक समय था जब मंचों पर बच्चन […]

आंधियों तुमने दरख्तों को गिराया होगा!

आज कैफ भोपाली साहब की लिखी एक गज़ल याद आ रही है। वैसे तो गज़ल के सभी शेर स्वतंत्र होते हैं और वे अलग-अलग बात कह सकते हैं, लेकिन इस गज़ल में एक बात जो एक-दो शेरों में विशेष रूप […]

तेरी एक निगाह की बात है, मेरी ज़िंदगी का सवाल है!

आज कुछ विचार आ रहे हैं दिमाग में और साथ ही एक पुराना गीत याद आ रहा है। हम सभी ईश्वर के सामने जाते हैं अपनी-अपनी फरियादें, कामनाएं लेकर और चाहते हैं कि वे पूरी हो जाएं। आजकल इंस्टेंट रिज़ल्ट […]

अकेली जब जाती हूँ मैं रात्रि वेला में- रवींद्रनाथ ठाकुर

आज मैं फिर से भारत के नोबल पुरस्कार विजेता कवि गुरुदेव रवींद्र नाथ ठाकुर की एक और कविता का अनुवाद प्रस्तुत कर रहा हूँ। यह उनकी अंग्रेजी भाषा में प्रकाशित जिस कविता का भावानुवाद है, उसे अनुवाद के बाद प्रस्तुत […]

ऐ राहत-ए-जाँ मुझ को रुलाने के लिए आ!

कल एक गज़ल शेयर की थी राज़ इलाहाबादी साहब की और ये बात की थी कि कैसे कवि-शायर लोग दुख में, गम में भी स्वाद ढूंढ लेते हैं। आज भी गज़ल के माध्यम से आंसुओं के स्वाद की बात करेंगे, […]

आप फिर मुस्कुरा दीजिए!

आज एक पुरानी गज़ल याद आ रही है, जिसे अनूप जलोटा जी ने गाया है, शायद कुछ और कलाकारों ने भी गाया होगा। अब ये कवि-शायर लोग ही होते हैं, जो दुख में, गम में भी स्वाद ढूंढ लेते हैं। […]

Ad


blogadda

blog-adda

top post

BlogAdda

Proud to be an IndiBlogger

Skip to toolbar