117. पतंगबाज़ी मुबारक!

देश में कुछ अवसरों पर पतंगबाज़ी का माहौल बनता है, जिनमें से एक शायद मकर संक्रांति का अवसर है। आज से लेकर अगले दो-तीन दिनों तक भी देश में पतंगबाज़ी का माहौल रहने वाला है। यह पतंगबाज़ी होगी विभिन्न टीवी चैनलों पर जहाँ अलग-अलग एग्ज़िट पोल विशेषज्ञ अपने-अपने चुनाव परिणाम प्रस्तुत करेंगे और असली चुनाव परिणाम प्राप्त होने तक वे उनको ही सही मानेंगे।

जी हाँ, आज शाम से हिमाचल और गुजरात के चुनाव परिणामों की पतंग उड़ाई जाएंगी और हर कोई यही कहेगा कि मेरी पतंग सही जा रही  है। बहुत बार ये एग्ज़िट पोल बुरी तरह गलत साबित हुए हैं, कभी सच के आसपास भी रहे हैं।

लेकिन सच्चाई यह कि हर किसी में भविष्य के प्रति जिज्ञासा होती है, हर कोई यह जानना चाहता है कि कल क्या होने वाला है, अतः वोट डाले जाने के बाद, जब इस बात की अनुमति हो जाएगी कि अब अनुमान प्रस्तुत किए जा सकते हैं, तब ये भविष्यवक्ता, अपने अपने साइंटिफिक भविष्य बताने के यंत्र चलाकर एक वर्चुअल सच्चाई बताएंगे, और 18 तारीख को यह पता चल पाएगा कि यह वर्चुअल सच्चाई, वास्तविक सच्चाई के कितना निकट है।

पिछले एक-दो वर्षों में हमने ऐसे अनेक राज्यों के मतदान और उनसे संबंधित ओपिनियन पोल और एग्ज़िट पोल देखे हैं। इन अवसरों पर लंबे चुनाव प्रचार अभियान भी चलते हैं, जिनमें नेता लोग देश भर में घूम घूमकर प्रचार करते हैं, कटुता भी फैलती है, हाँ मन लगाने का बहाना भी मिलता है।

एक बात जो कही जाती  है वह बहुत विचारणीय है कि यदि सभी चुनाव एक साथ कर दिए जाएं तो नेताओं को अपने कामों पर ध्यान देने का ज्यादा समय मिलेगा, वातावरण भी कम खराब होगा और यह हर प्रकार से देश के लिए अच्छा होगा।

आज के लिए इतना ही!

नमस्कार

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