Posts for January 2018

151. नाज़ था जिस पे, मेरे सीने में वो दिल ही नहीं!

  आज मुकेश जी का गाया एक बहुत प्यारा गीत याद आ रहा है। यह गीत लिखा है- जावेद अनवर जी और असद भोपाली जी ने, संगीतकार हैं- उषा खन्ना जी और गायक हैं मेरे प्रिय मुकेश जी। ऐसे गीत […]

3. चल अकेला

आज फिर बेधड़क, अपना शुरू का एक ब्लॉग शेयर कर रहा हूँ। हज़ारों मील लंबे रास्ते तुझको बुलाते, यहाँ दुखड़े सहने के वास्ते तुझको बुलाते है कौन सा वो इंसान यहाँ पर जिसने दुख ना झेला। चल अकेला, चल अकेला, […]

150. तूने जिस फूल को पाला वो पराया होगा।

कुछ दिन से नई पोस्ट नहीं लिख रहा था, बेटे की शादी थी, सोचा कि इस बीच पुरानी पोस्ट ही शेयर कर लेता हूँ, जो जीवन के विभिन्न पड़ावों से जुड़ी हैं और मेरे दिल के बहुत क़रीब हैं। आगे […]

11. हम शंटिंग ट्रेन हो गए

(पुराने ब्लॉग्स को दोहराने के क्रम में आज दिल्ली में प्रारंभिक नौकरी, दैनिक रेल-यात्रा आदि के कुछ अनुभव! ) पीताम्बर बुक डिपो में कुल मिलाकर मैं एक साल तक रहा, उसके बाद मैंने फैसला कर लिया कि अब यहाँ अधिक समय […]

8. कालेज के दिन

(पुराने ब्लॉग्स को दोहराने के क्रम में आज प्रस्तुत है कालेज जीवन के कुछ अनुभव, यह आलेख थोड़ा लंबा और गहन है! ) बाबूराम स्कूल में 6 साल रहा और अच्छा खासा जुड़ाव रहा स्कूल से, इसलिए स्कूल के बारे […]

अमर रहे गणतंत्र हमारा

आज हमारे महान गणतंत्र की वर्षगांठ के अवसर मैं अपने सभी देशवासियों को परम श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी जी की इन गीत पंक्तियों के साथ शुभकामनाएं देता हूँ तेरा गौरव अमर रहे मां  हम दिन चार रहें न रहें। पुनः अनंत […]

7. बाबूराम स्कूल

(पुराने ब्लॉग्स को दोहराने के क्रम में भी मैं अनुक्रम का पालन नहीं कर पा रहा हूँ, आज प्रस्तुत है स्कूल के कुछ अनुभव!) अब स्कूल के बारे में बात कर लें। कक्षा 1 से 5 तक गौशाला वाले सनातन […]

10. रोज़गार दफ्तर की फाइलें भरें

शुरु के ब्लॉग्स को दोहराने के क्रम में प्रस्तुत है ये मेरा दसवां ब्लॉग। मैं 4-5 दिन तक बाहर रहा, मेरे छोटे बेटे के विवाह के सिलसिले में, सोचा था वहाँ पर रहते हुए भी, पुराने ब्लॉग्स तो दोहरा ही […]

9. झूमती चली हवा

अपने शुरु के ब्लॉग्स में से एक और आज दोहरा रहा हूँ, वैसे यह नौवां ब्लॉग था, और शायद शाहदरा में मेरी प्रवास अवधि के संबंध में अंतिम पड़ाव जैसा था। लगातार सीधी राह पर चलते जाने से भी काफी […]

4. इब्तदा कुछ इस तरह

अपने शुरु के ब्लॉग्स में से एक को आज दोहरा रहा हूँ, वैसे यह चौथा ब्लॉग था, लेकिन इससे मैंने क्रमशः अपनी कहानी सुनाना शुरू किया था। किसी ने फिर न सुना, दर्द के फसाने को मेरे न होने से […]

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