आज राज कपूर जी की  फिल्म – ‘फिर सुबह होगी’ का एक युगल गीत याद आ रहा है, जिसे साहिर लुधियानवी जी ने लिखा है, खैय्याम जी ने इसका संगीत तैयार किया है और इस गीत को मुकेश जी और आशा भौंसले जी ने गाया है।

गीत का विषय, जैसे कि आम तौर पर होता है, प्रेम ही है। लेकिन यहाँ प्रेमी-प्रेमिका, दोनों एक-दूसरे को सावधान कर रहे हैं, कि देखो फिर मत कहना कि बताया नहीं था, हम प्यार की तरफ आगे बढ़ रहे हैं।

एक बात कही जा सकती है आज की भाषा में कि प्यार दोनों कर रहे हैं, लेकिन ज़िम्मेदारी, ऑनरशिप लेने को कोई तैयार नहीं है!

अब इसमें मेरे कहने की तो कोई बात नहीं है, बस इतना ही कहूंगा कि इस युगल गीत की सुंदरता को देखिए और मुकेश जी और आशा ताई की अदायगी को याद कीजिए-

मुकेश: फिर ना कीजै मेरी गुस्ताख़ निगाहों का गिला
देखिये आप ने फिर प्यार से देखा मुझको
आशा: मैं कहाँ तक ये निगाहों को पलटने देती
आप के दिल ने कई बार पुकारा मुझको।

मुकेश: इस कदर प्यार से देखो ना हमारी जानिब  
दिल अगर और मचल जाये तो मुश्किल होगी
आशा: तुम जहाँ मेरी तरफ़ देख के रुक जाओगे
वही मंजिल मेरी तक़दीर की मंजिल होगी  
मुकेश: देखिये आप ने फिर प्यार से देखा मुझको
आशा: आप के दिल ने कई बार पुकारा मुझको। 

मुकेश: एक यूँहीं सी नजर दिल को जो छू लेती है
कितने अरमान जगाती है तुम्हे क्या मालूम
आशा: रूह बेचैन है कदमों से लिपटने के लिये
तुमको हर साँस बुलाती है तुम्हे क्या मालूम
मुकेश: देखिये आप ने फिर प्यार से देखा मुझको
आशा: आप के दिल ने कई बार पुकारा मुझको। 

मुकेश: हर नज़र आप की जज़बात को उकसाती है
मैं अगर हाथ पकड़ लूं तो खफ़ा मत होना
आशा: मेरी दुनिया-ए-मोहब्बत है तुम्हारे दम से
मेरी दुनिया-ए-मोहब्बत से जुदा मत होना
मुकेश: देखिये आप ने फिर प्यार से देखा मुझको
आशा: आप के दिल ने कई बार पुकारा मुझको। 

नमस्कार

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