173. फसल काटती लड़की का गीत

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आज विलियम वर्ड्सवर्थ की एक प्रसिद्ध कविता का सहज अनुवाद, हिंदी में प्रस्तुत करने का प्रयास कर रहा हूँ। यह अत्यंत प्रसिद्ध रचना है, संभव है इस अनुवाद में कोई कमी रह गई हो, क्योंकि कविता के अर्थ-विस्तार को समझना और फिर उसे पुनः सृजित करना उतना आसान तो नहीं होता, कोई कमी रह गई हो तो उसके लिए क्षमा चाहता हूँ, लेकिन प्रयास करता रहूंगा तो संभव है भविष्य में अधिक अच्छा अनुवाद भी प्रस्तुत कर पाऊंगा।
प्रस्तुत हैं अनुवाद और फिर मूल रचना।

फसल काटती एकाकी लड़की
– विलियम वर्ड्सवर्थ
देखो उसे गौर से, खेत में अकेली,
वह एक पहाड़ी लड़की!
फसल काटती जाती है और गाती जाती है:
यहाँ रुकें और धीरे से आगे बढ़ें!
अकेली काटती है और फिर बांधती है अनाज की फसल,
और गाती है उदासी और तनाव भरा गीत:
अरे सुनो इसे, क्योंकि विस्तृत घाटी
उसकी स्वरलहरी से लबालब भरी है।
किसी कोयल ने ऐसी कूक नहीं सुनाई होगी,
अरब के रेगिस्तान में,
किसी छायादार पथ में थके पथिक समूह के लिए
ऐसा मधुर स्वागत गान:
ऐसे रोमांचक स्वर नहीं सुने गए कभी
वसंत के मौसम में, कोयल के कंठ से भी,
जो सुदूर हैब्रिड द्वीपों में-
समुद्र के शोर को भी शांत कर दे।
क्या मुझे कोई बताएगा-
कि वह क्या गा रही है?-
शायद निराशा से भरे स्वर प्रवाहित हो रहे हैं,
पुरानी, दुख भरी, कहीं दूर घटी घटनाओं के लिए,
और बहुत पहले हुए युद्धों के लिए,
अथवा है यह कोई अधिक सामान्य बात,
आज का ही कोई, जाना-पहचाना मामला?
कोई सहज शोक, हानि अथवा दर्द,
जो हो चुका है और शायद दुबारा हो?

युवती के गीत का विषय जो भी हो,
जैसे यह गीत चलता ही रहेगा,
मैंने सुना उसे अपने काम के साथ गाते हुए,
और मुड़े हुए हंसिए के ऊपर तैरती आवाज-
मैंने सुनी निश्चल और निःस्तब्ध रहकर,
और जब मैं पहाड़ी के ऊपर चढ़ा,
मेरे हृदय में वह संगीत बसा रहा,
बाद में लंबे समय तक,
जबकि मैं और सुन नहीं पा रहा था।
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The Solitary Reaper
BY WILLIAM WORDSWORTH

Behold her, single in the field,
Yon solitary Highland Lass!
Reaping and singing by herself;
Stop here, or gently pass!
Alone she cuts and binds the grain,
And sings a melancholy strain;
O listen! for the Vale profound
Is overflowing with the sound.

No Nightingale did ever chant
More welcome notes to weary bands
Of travelers in some shady haunt,
Among Arabian sands:
A voice so thrilling ne’er was heard
In spring-time from the Cuckoo-bird,
Breaking the silence of the seas
Among the farthest Hebrides.

Will no one tell me what she sings?—
Perhaps the plaintive numbers flow
For old, unhappy, far-off things,
And battles long ago:
Or is it some more humble lay,
Familiar matter of to-day?
Some natural sorrow, loss, or pain,
That has been, and may be again?

Whate’er the theme, the Maiden sang
As if her song could have no ending;
I saw her singing at her work,
And o’er the sickle bending;—
I listened, motionless and still;
And, as I mounted up the hill,
The music in my heart I bore,
Long after it was heard no more.

नमस्कार।

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