वर्ष 1971 में एक फिल्म आई थी- अनुभव, मुख्य भूमिकाओं में थे- संजीव कुमार जी और तनूजा जी। निर्माता, निर्देशक- बासु भट्टाचार्य जी की यह फिल्म उनके कुशल निर्देशन, इसमें शामिल कलाकारों के शानदार अभिनय के लिए काफी प्रसिद्ध हुई थी।

इस फिल्म के लिए मन्ना डे जी द्वारा, संगीतकार कनु रॉय की धुन पर गाया एक गीत याद आ रहा है, जो श्री गुलज़ार जी के द्वारा लिखा गया एक प्रयोगात्मक गीत है। लीजिए आज यह गीत ही शेयर कर रहा हूँ-

फिर कहीं कोई फूल खिला,
चाहत ना कहो उसको
फिर कही कोई दीप जला,
मंज़िल ना कहो उसको|

मन का समंदर प्यासा हुआ,
क्यों किसी से मांगे दुआ,
लहरों का लगा जो मेला,
तूफां ना कहो उसको।

देखे क्यों सब वो सपने,
खुद ही सजाये जो हमने
दिल उनसे बहल जाए तो,
राहत ना कहो उसको।

आज के लिए इतना ही

नमस्कार।