211. ओल्डमैन्ज़ डे ऑउट इन लंदन!

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जैसा मैंने पहले बताया था, हम एक माह के लिए लंदन आए हुए हैं, यहाँ थेम्स नदी के किनारे पर अपने बेटे-बहू के घर में रह रहे हैं, घर की एक तरफ जिधर थेम्स नदी बहती है, उधर कांच की ही दीवार, दरवाजा है, दिन भर नावें और छोटे-मोटे शिप दिखाई देते रहते हैं। नदी के दूसरे किनारे पर ओ-2 कॉन्टिनेंटल और ईवेंट प्लेस है, जो पिछ्ले ओलंपिक के समय विकसित किया गया था, कल वहाँ भी जाना हुआ।

हाँ तो वीक एंड होने के नाते, आज हम पति-पत्नी, अपने बेटे और बहू के साथ बाहर घूमने निकले। शुरुआत हुई यहाँ की लोकल बस से ट्यूब रेल स्टेशन ‘कैनेरी व्हार्फ’ और वहाँ से ट्यूब पकड़कर ग्रीन पार्क तक जाकर! वहाँ एक बर्थडे में भाग लेना था ना!

जी हाँ, ग्रीन पार्क ट्यूब स्टेशन है यहाँ लंदन में और उसके पास ही है बकिंघम पैलेस! कल क्वीन विक्टोरिया का जन्म दिन था, और हम क्योंकि कुछ देर में पहुंचे, तो हमें दूर से ही देखना पड़ा। बॉलकनी से रॉयल फैमिली के लोग, जनता का अभिवादन स्वीकार कर रहे थे, जहाँ हम थे, वहाँ से उनकी शक्लें साफ दिखाई नहीं दे रही थीं। हाँ जब हम पहुंचे तब तोपों की सलामी दी जा रही थी।

शाही परिवार रहता तो कहीं और है लेकिन ऐसे आयोजन के लिए बकिंघम पैलेस आता है। बहुत भीड़ थी, ठीक से देख भी नहीं पाए, इससे साफ तो अपना सलमान ही बॉलकनी से हाथ हिलाते हुए दिख जाता है, भले ही वो जेल से छूटकर आने पर हो। खैर फिर हमारे सामने ही रॉयल फैमिली के लोग वहाँ से वापस भी लौटकर भी चले गए और सेरेमॉनियल बैन्ड और घोड़े वगैरा भी।

महल से लौटकर फिर हमने ट्यूब पकड़ी, हाँ एक बात और, अपनी दिल्ली की मैट्रो से एक फर्क है यहाँ की ट्यूब में, प्लेटफॉर्म का किनारा पूरा कवर रहता है,और जैसे दीवार बनी हो, सिर्फ ट्यूब के डिब्बे के दरवाजे के सामने का हिस्सा खुलता है, जैसा हमने पहले दुबई में भी देखा था।

हाँ तो ट्यूब पकड़कर हम ओ-2 एरिया में गए, जो हमारे घर से ही, नदी के पार दिखता है, लेकिन ट्यूब हमें टनेल के माध्यम से, नदी के नीचे होकर वहाँ ले जाती है। ओ-2 एरिया गुड़गांव के ‘किंगडम ऑफ ड्रीम्स’ जैसा भव्य है, बस अंदर फाल्स सीलिंग को आकाश का रूप नहीं दिया है।

जिसे साधारण भाषा में रोप-वे भी कह सकते हैं, यहाँ उसका अनुभव भव्य था, पूरे लंदन का नज़ारा बहुत ऊंचाई से उसमें दिखता है, और उसको कहते हैं- एमिरेट्स एयरलाइंस। इस दिव्य यात्रा के बाद, आज के सफर को विराम दिया, घर पहुंचकर।

आज के लिए इतना ही

नमस्कार।