Posts for October 2018

126. कहती टूटी दीवट, सुन री उखड़ी देहरी!

आज फिर से प्रस्तुत है एक पुरानी ब्लॉग पोस्ट- आज एक खबर कहीं पढ़ी कि उत्तराखंड के किसी गांव में केवल बूढ़े लोग रह गए हैं, विशेष रूप से महिलाएं, जवान लोग रोज़गार के लिए शहरों को पलायन कर गए […]

WOW: What If, It is festival season always?

Now are the days of festivals, I think starting with Ganesh Puja- festivals, celebrations continue till the year-end, while the year-end, welcoming of the New Year is a big celebration in itself. There are old stories associated with each festival, […]

Education and Literacy

Again I am getting a chance to discuss about the Indian Education system, find faults with it and try to suggest some steps to improve it, while I do not consider myself educated enough to do all that! But the […]

संगीत के लिए कुछ छंद

आज अंग्रेजी के प्रसिद्ध कवि लॉर्ड बॉयरन की एक और कविता का भावानुवाद और उसके बाद मूल कविता प्रस्तुत कर रहा हूँ। पहले प्रस्तुत है मेरे द्वारा किया गया कविता का भावानुवाद- संगीत के लिए कुछ छंद ऐसी कोई नहीं […]

एक आत्मा मेरे सामने आई!

<strong>एक आत्मा मेरे सामने आई!</strong> आज अंग्रेजी के प्रसिद्ध कवि लॉर्ड बॉयरन की एक और कविता का भावानुवाद और उसके बाद मूल कविता प्रस्तुत कर रहा हूँ। पहले प्रस्तुत है मेरे द्वारा किया गया कविता का भावानुवाद- एक आत्मा मेरे […]

अकेलापन!

आज अंग्रेजी के प्रसिद्ध कवि लॉर्ड बॉयरन की एक कविता का भावानुवाद और उसके बाद मूल कविता प्रस्तुत कर रहा हूँ। पहले प्रस्तुत है मेरे द्वारा किया गया कविता का भावानुवाद- अकेलापन चट्टानों पर बैठना, बाढ़ और गिरे हुए पेड़ों […]

ये ‘मी टू’ क्या है जी!

आजकल एक विषय विशेष रूप से चर्चा में है। ऐसा बहुत सी बार होता है, विदेशों में, पश्चिम में कोई विषय शुरू होता है और फिर एक फैशन के तहत वो भारत में फैल जाता है। जैसे टेलीविज़न के बहुत […]

Gadgets and us!

Modern life means more and more dependence on gadgets. Today we try to achieve more and more results with lesser and lesser efforts. We can’t get up and put the switch on and of for many things, what to say […]

WOW: An alarm for me!

We daily use various facilities, tools, machines, appliances etc. in our life. Mostly the more valuable appliances or machines have an in built alarm system with them if humans are to operate them or a cut-off system, a safety valve, […]

याद आएं कभी तो मत रोना !

आज फिर से एक बहुत पुराना गीत याद आ रहा है, जो 1964 में रिलीज़ हुई पुरानी फिल्म- ‘जी चाहता है’ से है, गीत लिखा है इंदीवर जी ने और कल्याणजी-आनंदजी के संगीत निर्देशन में इस गीत को मेरे प्रिय […]

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