आज फिर से एक बहुत पुराना गीत याद आ रहा है, जो 1964 में रिलीज़ हुई पुरानी फिल्म- ‘जी चाहता है’ से है, गीत लिखा है इंदीवर जी ने और कल्याणजी-आनंदजी के संगीत निर्देशन में इस गीत को मेरे प्रिय गायक मुकेश जी ने गाया है। बड़ा खूबसूरत गीत है, मैं अपनी ओर से तैयार किया गया, इसका अंग्रेजी प्रारूप पहले शेयर करना चाहूंगा और उसके बाद में यह मूल गीत-

I am now moving away from this close group,
do not shed tears when you remember me,
give solace to your heart,
do not weep, when it feels nervous.

We were in a dream together,
we got awake and it shattered,
when this dream of love
gives you grief, do not shed tears.

Do not destroy your life
by continuously thinking about me,
when any friend of your, gives this advice-
please do not shed tears.

In this long and lonely journey of life,
I would not remain alive for very long,
so my love, if you get the news of my death,
please do not shed tears.

और अब इसके बाद यह खूबसूरत गीत, मूल रूप में-

हम छोड़ चले हैं महफ़िल को
याद आएं कभी तो मत रोना
इस दिल को तसल्ली दे लेना
घबराए कभी तो मत रोना
हम छोड़ चले हैं…

एक ख़्वाब सा देखा था हमने
जब आँख खुलीं तो टूट गया
ये प्यार तुम्हें सपना बनकर
तड़पाए कभी तो मत रोना
हम छोड़ चले हैं…

तुम मेरे ख़यालों में खोकर
बरबाद न करना जीवन को
जब कोई सहेली बात तुम्हें
समझाए कभी तो मत रोना
हम छोड़ चले हैं…

जीवन के सफ़र में तन्हाई
हमको तो न ज़िन्दा छोड़ेगी
मरने की खबर ऐ जान-ए-जिगर
मिल जाए कभी तो मत रोना
हम छोड़ चले हैं…

आज के लिए इतना ही।

नमस्कार।
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