आज से मैं विख्यात कवि, नोबेल पुरस्कार विजेता श्री पाब्लो नेरुदा जो मूलतः चिले से थे- की कुछ कविताओं का भावानुवाद और उसके बाद मूल कविता प्रस्तुत करने का प्रयास करूंगा। उनकी स्पेनिश में लिखी गई मूल कविता के अंग्रेजी अनुवाद के आधार पर आज के लिए पहले प्रस्तुत है मेरे द्वारा किया गया कविता का भावानुवाद-

यदि तुम मुझे भूल जाओगी!

“मैं चाहता हूँ कि तुम
एक बात जान लो।
तुम जानती हो कि कैसा होगा:
अगर मैं देखूं
सुस्त पतझड़ की लाल टहनी पर
स्फटिक से चमकते चांद को, अपनी खिड़की से,
अगर मैं आग के निकट स्पर्श करूं-
स्पर्श न करने योग्य- राख को,
अथवा जल चुके लकड़ी के लट्ठे के, सिलवटों से भरे शरीर को,
तो हर वस्तु मुझे तुम तक ले जाती है,
मानो प्रत्येक वस्तु जिसका अस्तित्व है,
कोई भी गंध, प्रकाश, धातुएं,
सभी ऐसी छोटी-छोटी नौकाएं हैं,
जो तुम्हारे उन
टापुओं तक चलती हैं,
जो मेरी प्रतीक्षा कर रहे हैं।

और, अब,
अगर तुम धीरे-धीरे, मुझे प्यार करना बंद कर दो,
मैं भी धीरे-धीरे तुम्हें प्यार करना बंद कर दूंगा।

अगर अचानक
तुम मुझे भूल जाओ,
तो मेरी तलाश मत करना,
क्योंकि मैं तुम्हे पहले ही भूल चुका होऊंगा।”

और अब वह अंग्रेजी अनुवाद, जिसका मैंने भावानुवाद किया है-

If you forget me

“I want you to know
one thing.
You know how this is:
if I look
at the crystal moon, at the red branch
of the slow autumn at my window,
if I touch
near the fire
the impalpable ash
or the wrinkled body of the log,
everything carries me to you,
as if everything that exists,
aromas, light, metals,
were little boats
that sail
toward those isles of yours that wait for me.

Well, now,
if little by little you stop loving me
I shall stop loving you little by little.

If suddenly
you forget me
do not look for me,
for I shall already have forgotten you.”

नमस्कार।
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