Posts for January 2019

41. मधु का सागर लहराता था…!

यादों के समुंदर में एक और डुबकी,लीजिए प्रस्तुत है एक और पुराना ब्लॉग! मैंने कितनी नौकरियों और अलग-अलग स्थानों पर तैनाती के बहाने से अपनी राम-कहानी कही है, याद नहीं। लेकिन आज दो नौकरियों की याद आ रही है, जिनका […]

वसंत का एक दिन – रवींद्रनाथ ठाकुर

आज मैं भारत के नोबल पुरस्कार कवि  गुरुदेव रवींद्र नाथ ठाकुर की एक और कविता का अनुवाद प्रस्तुत कर रहा हूँ। यह उनकी अंग्रेजी भाषा में प्रकाशित जिस कविता का भावानुवाद है, उसे अनुवाद के बाद प्रस्तुत किया गया है। […]

वो हंसके मिले, हम प्यार समझ बैठे!

आज 1966 में रिलीज़ हुई फिल्म- ‘बहारें फिर भी आएंगी’ का एक गीत याद आ रहा है। यह गीत- ओ.पी.नैय्यर जी के संगीत निर्देशन में आशा भौंसले जी ने गाया था। इस गीत के लेखक थे- श्री एस. एच. बिहारी […]

Books for Listening!

The point for today’s submission is whether books that we read are more effective or the books that we listen. This did not and can’t come to my mind, since I have never considered books to be something that should […]

Long live our Great Republic

We just celebrated the 70th Republic Day of our great country India. Our Republic became 69 yrs old on 26th January, 2019. Our great leaders had made untiring efforts, sacrifices and as a result we became a free nation on […]

40. मालूम क्या किसी को, दर्द-ए-निहां हमारा!

सभी मित्रों को भारतीय गणतंत्र दिवस की बधाई देते हुए, आज फिर से यादों की पुरानी संदूकची खोल रहा हूँ, लीजिए प्रस्तुत है एक और पुराना ब्लॉग! पता नहीं क्या सोचकर यह ब्लॉग लिखने की शुरुआत की थी। और इसको […]

बादल और लहरें – रवींद्रनाथ ठाकुर

आज मैं भारत के नोबल पुरस्कार कवि गुरुदेव रवींद्र नाथ ठाकुर की एक और कविता का अनुवाद प्रस्तुत कर रहा हूँ। यह उनकी अंग्रेजी भाषा में प्रकाशित जिस कविता का भावानुवाद है, उसे अनुवाद के बाद प्रस्तुत किया गया है। […]

व्यापारी- रवींद्रनाथ ठाकुर

आज मैं भारत के नोबल पुरस्कार कवि  गुरुदेव रवींद्र नाथ ठाकुर की एक और कविता का अनुवाद प्रस्तुत कर रहा हूँ। यह उनकी अंग्रेजी भाषा में प्रकाशित जिस कविता का भावानुवाद है, उसे अनुवाद के बाद प्रस्तुत किया गया है। […]

जब दो बहनें (कुएं से) पानी भरने जाती हैं- टैगोर

आज भी मैं भारत के नोबल पुरस्कार कवि गुरुदेव रवींद्र नाथ ठाकुर की एक कविता का अनुवाद प्रस्तुत कर रहा हूँ। यह उनकी अंग्रेजी भाषा में प्रकाशित एक कविता का भावानुवाद है, जिसे अनुवाद के बाद मूल रूप में प्रस्तुत […]

यह श्वान – रवींद्रनाथ ठाकुर

आज मैं भारत के नोबल पुरस्कार विजेता तथा हमारे राष्ट्रगान के रचयिता कवि- गुरुदेव रवींद्र नाथ ठाकुर की एक कविता का अनुवाद प्रस्तुत कर रहा हूँ। यह उनकी अंग्रेजी भाषा में प्रकाशित एक कविता का भावानुवाद है। लीजिए पहले प्रस्तुत […]

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