नया साल 2019 शुरू हो गया, आज पहला दिन है नए साल का, आप सभी को नववर्ष की हार्दिक शुभकामनाएं।

नई शुरुआत में आशाएं भी होती हैं और आशंकाएं भी, बेहतर है कि हम अपनी आशाओं को मजबूत करें। नए लक्ष्य निर्धारित करें और योजना बनाकर उनको हासिल करने का प्रयास करें।

नए साल के पहले दिन मैं अधिक जोर नहीं डालना चाहता, न अपने दिमाग पर न आपके!

एक पुराना युगल गीत याद आ रहा है, फिल्म- ‘हरियाली और रास्ता’ से, इस गीत को गाया है मुकेश जी और लता जी ने, शैलेंद्र जी के लिखे इस गीत का संगीत दिया है- शंकर जयकिशन की जोड़ी ने और इस गीत को मनोज कुमार जी और माला सिन्हा जी पर फिल्माया गया है।

आइए नए साल की इब्तिदा को इश्क़ की इब्तिदा की तरह लें, और इस प्यारे से युगल गीत का आनंद लें-

इब्तिदा-ए-इश्क़ में हम सारी रात जागे
अल्लाह जाने क्या होगा आगे,
मौला जाने क्या होगा आगे।
दिल में तेरी उलफ़त के बंधने लगे धागे,

अल्लाह जाने क्या होगा आगे।

क्या कहूँ कुछ कहा नहीं जाए
बिन कहे भी रहा नहीं जाए
रात भर करवट मैं बदलूँ
दर्द दिल का सहा नहीं जाए,
नींद मेरी आँखों से दूर-दूर भागे,

अल्लाह जाने क्या होगा आगे।

दिल में जागी प्रीत की ज्वाला
जबसे मैंने होश सम्भाला
मैं हूँ तेरे प्यार की सीमा
तू मेरा राही मतवाला
मेरे मन की बीना में तेरे राग जागे,

अल्लाह जाने क्या होगा आगे।

तूने जब से आँख मिलाई
दिल से इक आवाज़ ये आई
चल के अब तारों में रहेंगे
प्यार के हम तो हैं सौदाई
मुझको तेरी सूरत भी चाँद रात लागे,

अल्लाह जाने क्या होगा आगे। 

आज के लिए इतना ही।

नमस्कार।                                                    *******