यह कहा जाता है कि जहाँ रहते हैं, वहाँ का गाना भी चाहिए! वैसे भी जहाँ इंसान रहता, वहाँ की विशेषताओं से वह परिचित होता ही है और कभी वहाँ के बारे में बात करने के लिए मज़बूर भी हो जाता है।


पिछले डेढ़ वर्ष से पंजिम, गोवा में रह रहा हूँ। कम ही लिखा है यहाँ के बारे में! अभी एक अवसर है और मुझे लगता है कि इस अवसर पर तो लिखना ही चाहिए।


जी हाँ आज 2 मार्च से यहाँ गोवा कार्निवाल का आयोजन प्रारंभ हुआ है। आज गोवा के पंजिम इलाके में कार्निवाल का आयोजन हुआ, कल 3 मार्च को मडगाव में होगा और इस प्रकार अलग-अलग इलाकों में 5 मार्च तक कार्निवाल का आयोजन होगा।

कार्निवाल के आयोजन की परंपरा लगभग 500 वर्ष पहले पुर्तगालियों ने यहाँ प्रारंभ की थी, जब गोवा उनके अधीन था और पुर्तगाल में भी यह परंपरा अन्य देशों से होकर आई थी। समय के साथ-साथ इस आयोजन का स्वरूप बदलता गया, यह भारतीय रंग में ढ‌लती गई, परंतु गोवा वासियों की मस्त-मिजाज़ी को अभिव्यक्त करने वाले इस आयोजन में आज भी यहाँ के लोग और टूरिस्ट भी पूरी मस्ती के साथ भाग लेते हैं।

मुझे याद आता है कि जिस प्रकार दिल्ली में, बहुत पहले मैं रामलीला के दिनों में आकर्षक झांकियों को निकलते देखता था, वैसे ही यहाँ गोवा में झांकियों की अनंत शृन्खला देखने को मिली और एक विशेष आकर्षण था, लगभग सभी झंकियों में अथवा उसके आगे मस्त होकर नाचते लोगों की, युवाओं की टोलियां। ये टोलियां गोवा की मस्त जीवन प्रणाली को रेखांकित करती हैं। दुनिया भर से लोग गोवा में मस्ती के लिए आते हैं और इस आयोजन में भी मैंने देखा कि भारत के अनेक क्षेत्रों के और पश्चिम के भी लोग मस्ती में झूम रहे थे।

यह आयोजन लगभग 40 दिन तक चलने वाले लेंट (चालीसा) व्रत से पहले किया जाता है, जिसके दौरान लोग मांसाहार नहीं करते। इस कार्निवाल का नेतृत्व राजा- मोमो करते हैं, जिनके पीछे बैंड-बाजे, नर्तक, जोकर, कलाबाज और विभिन्न प्रकार से लोगों का मनोरंजन करने वाले लोग आते हैं, जो लोगों को मस्ती का संदेश देते हैं।

मस्ती के इस परिवेश में अक्सर ऐसे दर्शक भी होते हैं, जिनमें से बहुत से लोग ऐसा सोचते होंगे कि यह दुनिया रहने के लायक नहीं रही! कौन है जिसके साथ बात की जाए, जिसके साथ खुश हुआ जाए! उनमें से भी बहुत से संगीत की धुन पर थिरकने लगते हैं। बहुत सी बार हमारा अतिरिक्त ज्ञान ही हमको ज्यादा गंभीर बनाता है, ज्यादा सोचने पर मजबूर करता है। ऐसे में गोवा वासियों की मस्त-मिजाज़ी हमें बहुत कुछ सिखा सकती है!

जो लोग इन दिनों में गोवा आते हैं, उनके लिए कार्निवाल को देखने पर इस सफर का आनंद दोगुना हो जाता है।

आज मुझे लगा कि गोवा में इन दिनों चल रहे इस आकर्षक आयोजन की जानकारी दूं और कुछ चित्र भी शेयर करूं।

आज के लिए इतना ही।
नमस्कार।