Posts for May 2019

जाने कब इन आंखों का शरमाना जाएगा!

पिछले तीन दिनों से मैं राजकपूर जी की प्रसिद्ध फिल्म- ‘संगम’ के कुछ गीत शेयर कर रहा हूँ। सचमुच वह एक अलग ही समय था जब किसी-किसी फिल्म का हर गीत मास्टरपीस होता था और हर गीत सुपरहिट होता था। […]

सब देखते रह जाएंगे, ले जाऊंगा एक दिन!

मैंने राजकपूर जी की प्रसिद्ध फिल्म- ‘संगम’ के दो गीत शेयर किए हैं अभी तक, दो गीतों का मैंने सिर्फ ज़िक्र  करके छोड़ दिया। क्या समय था वह, फिल्म के हर गीत पर मेहनत होती थी। हर गीत सुपरहिट होता […]

ये मेरा प्रेम पत्र पढ़कर कि तुम नाराज ना होना

कल मैंने राजकपूर जी की प्रसिद्ध फिल्म- ‘संगम’ का एक गीत शेयर किया था, फिर खयाल आया कि इस फिल्म के सभी गीत लाजवाब थे। हर गीत का इस सुपर हिट प्रेम-त्रिकोण आधारित फिल्म की कहानी को आगे बढ़ाने में […]

ज़िंदगी हमें तेरा ऐतबार न रहा!

सदाबहार गायक मुकेश जी के गाये गीतों के क्रम में आज प्रस्तुत कर रहा हूँ, 1964 में रिलीज़ हुई राज कपूर जी की ब्लॉक बस्टर फिल्म- संगम का एक गीत। इस फिल्म में महान निर्माता, निर्देशक, अभिनेता और शो-मैन राज […]

मुझे तलाश है सुनहरे हिरण की – रवींद्रनाथ ठाकुर

आज मैं फिर से भारत के नोबल पुरस्कार विजेता कवि गुरुदेव रवींद्र नाथ ठाकुर की एक और कविता का अनुवाद प्रस्तुत कर रहा हूँ। यह उनकी अंग्रेजी भाषा में प्रकाशित जिस कविता का भावानुवाद है, उसे अनुवाद के बाद प्रस्तुत […]

दुष्ट डाकिया-रवींद्रनाथ ठाकुर

आज मैं फिर से भारत के नोबल पुरस्कार विजेता कवि गुरुदेव रवींद्र नाथ ठाकुर की एक और कविता का अनुवाद प्रस्तुत कर रहा हूँ। यह उनकी अंग्रेजी भाषा में प्रकाशित जिस कविता का भावानुवाद है, उसे अनुवाद के बाद प्रस्तुत […]

लिखा गया दीवारों पर!

लीजिए चुनाव के परिणाम भी आ गए। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने धन्यवाद देते हुए कहा कि ‘जनता ने इस फक़ीर की झोली भर दी’। प्रधानमंत्री के उच्च पद पर सुशोभित व्यक्ति की इस सरलता को ‘लुटियंस दिल्ली’ के खास […]

61. अरुण यह मधुमय देश हमारा

आज फिर से पुराने ब्लॉग का दिन है, लीजिए प्रस्तुत है एक और पुराना ब्लॉग- आज याद आ रहा है, शायद 27 वर्ष तक, मैं स्वतंत्रता दिवस और गणतंत्र दिवस के अवसर पर संदेश तैयार किया करता था, ये संदेश […]

हमको अपना साया तक अक्सर बेज़ार मिला!

आज गुरुदत्त जी की 1957 में रिलीज़ हुई प्रसिद्ध फिल्म-प्यासा का एक गीत शेयर कर रहा हूँ, साहिर लुधियानवी जी के लिखे इस बेहद खूबसूरत गीत को, एस.डी.बर्मन जी के संगीत निर्देशन में हेमंत कुमार जी ने अपनी सघन, गहन, […]

यहीं रहती थी वह- रवींद्रनाथ ठाकुर

आज मैं फिर से भारत के नोबल पुरस्कार विजेता कवि गुरुदेव रवींद्र नाथ ठाकुर की एक और कविता का अनुवाद प्रस्तुत कर रहा हूँ। यह उनकी अंग्रेजी भाषा में प्रकाशित जिस कविता का भावानुवाद है, उसे अनुवाद के बाद प्रस्तुत […]

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