आज जो यात्रा वृतांत आपके शेयर कर रहा हूँ वह इस बार सप्ताहांत के अतिरिक्त दिन- सोमवार का है, जब यहाँ लंदन में ‘बैंक हॉलिडे’ के कारण छुट्टी थी।

 

इस बार प्रोग्राम बना था ‘आइल आफ वाइट’ (Isle of Wight) जाने का, यह शायद इंग्लैंड का सबसे अधिक आबादी वाला द्वीप अथवा टापू है, जहाँ पर फैली प्रकृति की सुंदरता के बीच अनेक सुंदर आकर्षण शामिल हैं, जिनमें से शायद सबसे प्रमुख हैं नोकदार खडी चट्टानें अर्थान ‘नीडल क्लिफ्स’ (Needle cliffs)।

चलिए शुरू से ही शुरू करते हैं न! प्रोग्राम के अनुसार हम सुबह साढ़े आठ बजे के लगभग ट्यूब रेल से होते हुएहुए ‘वाटरलू’ पहुंचे जहाँ ट्यूब स्टेशन के अलावा इंग्लैंड की नेशनल रेलवे का स्टेशन भी है, जहाँ से हमें लंदन से बाहर जाने के लिए यात्रा प्रारंभ करनी थी।


यात्रा प्रारंभ करने पर ट्रेन में घोषणा हुई कि कोई दुर्घटना हो जाने के कारण ट्रेन का रूट थोड़ा बदल दिया गया है। इससे हमें कुछ फर्क नहीं पड़ने वाला था, सिवाय कुछ देरी होने के, जो हुई भी, लेकिन इसका उल्लेख मैं इसलिए कर रहा हूँ कि इस बार के प्रवास के दौरान दो बार ऐसा हुआ है कि जैसे किसी ने ट्रेन के सामने कूदकर आत्महत्या कर ली हो। दुनिया भर के लोग यहाँ रहते हैं, शायद फ्रस्ट्रेशन भी दुनिया भर की आ जाती है!

खैर विषयांतर को यहीं छोड़ते हैं, हमारा टिकट था ‘वाटरलू’ या कहें ‘लंदन टर्मिनल्स’ से लेकर यार्मौथ आइओडब्लू (आइल ऑफ वाइट) तक के लिए, जिसमें ‘ब्रोकन हर्स्ट’ से दूसरी ट्रेन ‘लाइमिंग्टन’ तक लेना और वहाँ से फैरी द्वारा समुद्र में ‘आइल ऑफ वाइट’ द्वीप तक जाना शामिल था। इसमें मुख्य यात्रा ‘ब्रोकन हर्स्ट’ तक डेढ़ घंटे की थी, जिसके बाद दूसरी ट्रेन से सिर्फ दो स्टेशन पार करने थे और उसके बाद लगभग 40 मिनट की यात्रा ‘फैरी’ के द्वारा थी। अब यह तो शायद कहने की जरूरत ही नहीं है कि हम जहाँ भारत में ‘स्वच्छता की ओर’ बढ़ने का प्रयास कर रहे हैं, वहीं लंदन में अगर कहीं स्वच्छता में कमी आती है तो वह हम जैसे किसी आयातित व्यक्ति के कारण होती है!

फैरी में चढ़ने से पहले उसे दूर से देखा तो मैं शुरू में यही समझा कि यह कोई इमारत है, इतनी विशाल और आकार भी इमारत की तरह और जब उसमें से गाड़ियां निकलने लगीं तो ‘एक के बाद एक’ लगा कि पूरा मोहल्ला ही इसमें आ गया है।

हाँ तो फैरी में लोग बैठे कम, ज्यादा लोफ खड़े होकर चित्र खींचते रहे और हम उस पार ‘यार्मोथ’ में पहुंच गए, जहाँ हम एक ‘हॉप ऑन-हॉप ऑफ’ बस में बैठे, जिसमें उद्घोषक ने हमें इस द्वीप के अनेक प्रमुख आकर्षणों के बारे में बताया, जब हम उन स्थानों के पास से होकर आगे बढ़े।

मार्ग में हम जहाँ उतरे उनमें से एक तो जाहिर है कि वह स्थल है जहाँ ‘नीडल क्लिफ’ हैं, जिनमें वास्तव में, खड़ी चट्टानों के दो समूह शामिल हैं- ‘नीडल्स ओल्ड बैटरी, और न्यू बैटरी’। ‘चाक क्लिफ’ वाला यह इलाका यहाँ सबसे अधिक ऊंचाई पर स्थित है और यहाँ से प्रकृति का नजारा अद्भुद दिखाई देता है, समुद्र में सुहाने नीले और हरे रंगों का पानी, जिसमें और भी अनेक शेड देखी जा सकती हैं, और चट्टानों में भी, वहाँ मौज़ूद खनिजों के कारण अनेक चित्तार्षक रंग देखे जा सकते हैं। यह यात्रा वास्तव में मन को स्फूर्ति और संतोष प्रदान करने वाली थी।

द्वीप के कुछ प्रमुख आकर्षण इस प्रकार हैं- बेम्ब्रिज किला, बेम्ब्रिज विंडमिल, नीडल्स-(खड़ी चट्टानें) पुरानी और नई, न्यूटन पुराना टाउन हाल, कॉम्पटन खाड़ी (Bay) आदि-आदि। वैसे तो लगता है कि ऐसे स्थान पर कुछ दिन रुककर ही वहाँ की प्राकृतिक सुंदरता का भरपूर आनंद लिया जा सकता है। वहाँ रोपवे द्वारा कुर्सियों पर बिठाकर (चेयरलिफ्ट करके) वहाँ के सुंदर नजारे को दिखाने की व्यवस्था भी है, यह उनके लिए और भी उपयोगी है जो वृद्धावस्था आदि के कारण ऊंचाई पर नहीं चढ़ पाते।

मैं यह कहना चाहूंगा कि जो लंदन घूमने आते हैं उनको कम से कम एक दिन इस स्थान की सैर के लिए भी रखना चाहिए, यहाँ अधिक समय रुककर और भी अधिक आनंद लिया जा सकता है।

आज के लिए इतना ही,
नमस्कार।

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