Posts for February 2020

भर-भर आई आँख , ब्याज से पाँच-पचास हुए!

आज मैं अपने प्रिय कवियों में से एक, स्व. रमेश रंजक जी का एक प्यारा सा गीत, बिना किसी भूमिका के शेयर करूंगा।   जितने दूर हुए तुम हमसे उतने पास हुए, दर्द गीत बन गया जिस घड़ी प्राण उदास […]

The Fittest Survive!

There was a time when our forefathers lived in jungles, as we are told. In jungles there is the law of the land, which tells that the powerful species survive. We hear about species which existed in the world earlier […]

दिल्ली चुनाव- मुफ्त में भाजी, मुफ्त में खाजा!

आज अपनी दिल्ली को याद करने का मन हो रहा, जहाँ मेरा बचपन बीता और जहाँ मैंने शुरू की कुछ नौकरियां की थीं। मेरा जन्म वहाँ 1950 में हुआ था, जब आज़ादी के बाद दिल्ली बस रही थी, चारदीवारी वाली […]

Sunshine Blogger Award!

    Dear fellow bloggers and friends.  I am very happy to inform you all that once again I have been nominated, among other bloggers, by the same blogger friend. I am very much thankful to him.  This time it […]

Justice for all!

Today again discussing on an IndiSpire prompt. Question is whether law is lenient towards the rich and powerful.     We have seen examples in society and as reflected in fiction, films etc. When somebody goes for a pilgrimage, taking […]

नाविक – रवींद्र नाथ ठाकुर

आज, मैं फिर से भारत के नोबल पुरस्कार विजेता कवि गुरुदेव रवींद्र नाथ ठाकुर की एक और कविता का अनुवाद प्रस्तुत कर रहा हूँ। यह उनकी अंग्रेजी भाषा में प्रकाशित जिस कविता का भावानुवाद है, उसे अनुवाद के बाद प्रस्तुत […]

रहम जब अपने पे आता है तो हंस लेता हूँ।

आज फिर से एक पुरानी ब्लॉग पोस्ट शेयर कर रहा हूँ|     मुकेश जी का गाया एक प्रायवेट गाना याद आ रहा है- मेरे महबूब, मेरे दोस्त, नहीं ये भी नहीं मेरी बेबाक तबीयत का तकाज़ा है कुछ और। […]

Bee Love Award- Nomination.

Dear friends Today I would  like to share that a fellow blogger who writes nice posts by the name- साधक, his Blog ID – https://vjsadhak.wordpress.com/   has nominated me for ‘Bee Love Award’. I am very thankful to my friend who […]

अंतिम पर्दा – रवींद्रनाथ ठाकुर

आज, मैं फिर से भारत के नोबल पुरस्कार विजेता कवि गुरुदेव रवींद्र नाथ ठाकुर की एक और कविता का अनुवाद प्रस्तुत कर रहा हूँ। यह उनकी अंग्रेजी भाषा में प्रकाशित जिस कविता का भावानुवाद है, उसे अनुवाद के बाद प्रस्तुत […]

वो सांवली सी एक लड़की!

आज फिर से मैं अपने एक प्रिय शायर स्व. निदा फाज़ली जी की रचना शेयर कर रहा हूँ। उनकी रचनाओं में, गज़लों में, दोहों में एक अलग तरह की रवानी, सादगी, ताज़गी और मिट्टी का सौंधापन देखने को मिलता है। […]

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