Posts for June 2020

खेल-खिलौने- रवीन्द्रनाथ ठाकुर

आज, मैं फिर से भारत के नोबल पुरस्कार विजेता कवि गुरुदेव रवींद्र नाथ ठाकुर की एक और कविता का अनुवाद प्रस्तुत कर रहा हूँ। यह उनकी अंग्रेजी भाषा में प्रकाशित जिस कविता का भावानुवाद है, उसे अनुवाद के बाद प्रस्तुत […]

जिगर मा बड़ी आग है!

ओंकारा फिल्म का एक गीत याद आ रहा जो गुलज़ार साहब ने लिखा, एक तरह से एक्स्प्रेशन के मामले में एक्सपेरीमेंट है| इस गीत का संगीत दिया है विशाल भारद्वाज जी ने और इसे गाया है सुनिधि चौहान और सुखविंदर […]

मरघट में पी खामोशी से, पनघट पर शोर मचाकर पी!

आज फिर से एक पुरानी ब्लॉग पोस्ट की बारी है –     आस्था के बारे में एक प्रसंग याद आ रहा है, जो कहीं सुना था। ये माना जाता है कि यदि आप सच्चे मन से किसी बात को […]

Lead me Light or Darkness!

  Today again I am submitted my views based on an #IndiSpire prompt. The question is whether the role of masses is only of becoming good and obedient followers. In Indian culture and philosophy, let me refer to The Bhagvad […]

देवों के देव महादेव!

मैंने पहले भी अपनी ब्लॉग पोस्ट में यह उल्लेख किया है की लॉक डाउन प्रारंभ होने के बाद हमने हॉटस्टार पर धार्मिक सीरियल – ‘देवों के देव महादेव’ देखना प्रारंभ किया था और अभी तक हम इसे देख रहे हैं| […]

वो उतनी दूर हो गया जितना क़रीब था!

  आज मैं मुशायरों और कवि सम्मेलनों में ख्याति अर्जित करने वाली शायरा- सुश्री अंजुम रहबर जी की एक गजल शेयर कर रहा हूँ| लीजिए प्रस्तुत है यह सुंदर सी गजल-   मिलना था इत्तिफ़ाक़ बिछड़ना नसीब था, वो उतनी […]

मैंने देखा स्वप्न – रवींद्रनाथ ठाकुर

आज, मैं फिर से भारत के नोबल पुरस्कार विजेता कवि गुरुदेव रवींद्र नाथ ठाकुर की एक और कविता का अनुवाद प्रस्तुत कर रहा हूँ। यह उनकी अंग्रेजी भाषा में प्रकाशित जिस कविता का भावानुवाद है, उसे अनुवाद के बाद प्रस्तुत […]

तुम प्राणों की अगन हरो तो!

  एक बार फिर से आज मैं हिन्दी के दुलारे गीतकार स्वर्गीय भारत भूषण जी का एक भावुकता और प्रेम से भरा गीत शेयर कर लूँ| भावुकता वैसे तो जीवन में कठिनाई से ही कहीं काम आती है, आजकल बहुत […]

जीवन पर कविता – रवीन्द्रनाथ ठाकुर

आज, मैं फिर से भारत के नोबल पुरस्कार विजेता कवि गुरुदेव रवींद्र नाथ ठाकुर की एक और कविता का अनुवाद प्रस्तुत कर रहा हूँ। यह उनकी अंग्रेजी भाषा में प्रकाशित जिस कविता का भावानुवाद है, उसे अनुवाद के बाद प्रस्तुत […]

मायानगरी का स्वर्ण मृग !

आज मुंबई की मायानगरी की बात कर लेते हैं, जिसे लोग हॉलीवुड की तर्ज पर बॉलीवुड भी कहते हैं| एक से एक प्रतिभाएँ रही हैं इस मुंबई में, और यह क्षेत्र भारत का फिल्मी देवलोक जैसा लगता है|     […]

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