• आज पंजाबी गीतों के सम्राट- श्री गुरदास मान जी का गाया एक गीत शेयर करने का मन है। पंजाबी संगीत की एक अलग पहचान है और उसमें बहुत लंबे समय से गुरदास मान जी का स्थान ऐसा है, जिसके आसपास कोई दूसरा नहीं पहुंच प […]

  • आज फिर से, लीजिए प्रस्तुत है एक और पुराना ब्लॉग-

    यह जानकर, हर किसी को अच्छा लगता है कि कुछ लोग हमको जानते हैं। लेकिन दुनिया में हर इंसान अलग तरह का है, कितने लोग वास्तव में ऐसे होते हैं, जो किसी व्यक्ति को ठीक […]

  • आजकल चुनाव का मौसम है और एक के बाद एक नेताओं के असली चेहरे जनता के सामने उजागर हो रहे हैं। कुछ नेता तो ऐसे हैं, नवजोत सिंह सिद्धू जैसे- जो एक पार्टी से दूसरी में क्या गए, पूरा चरित्र ही बदल गया उनका। मुझे लग […]

  • अभी कुछ दिन पहले ही आस्था (फेथ) पर एक प्रस्तुति दी थी। आज खयाल आ रहा है कि ‘प्रेम’ या उर्दू शायरी की ज़ुबान में कहें तो ‘इश्क़’ भी आस्था का बहुत बड़ा संबल होता है। जो प्रेम में होता है, वह स्वयं के लिए भले ही आस् […]

  • आज मैं फिर से भारत के नोबल पुरस्कार विजेता कवि गुरुदेव रवींद्र नाथ ठाकुर की एक और कविता का अनुवाद प्रस्तुत कर रहा हूँ। यह उनकी अंग्रेजी भाषा में प्रकाशित जिस कविता का भावानुवाद है, उसे अनुवाद के बाद प्रस्तुत किय […]

  • सदाबहार गायक मुकेश जी के गाये गीतों के क्रम में आज प्रस्तुत कर रहा हूँ, 1967 में रिलीज़ हुई मनोज कुमार जी की फिल्म- उपकार का एक गीत। दीवानगी को लेकर मुकेश जी ने बहुत से गीत गाए हैं और उनके प्रिय साथी […]

  • I remember the title of the first part of the autobiography written by famous Hindi poet- Dr. Harivansh Rai Bachchan Ji, the late father of veteran actor- Sh. Amitabh Bachchan Ji. Dr. Bachchan wrote his […]

  • It has become a fashion now a days, that we associate some days to a particular type of activities, persons may be children, older people, ladies, a kind of relation etc. etc. We ceremoniously give great honour […]

  • आज मैं फिर से भारत के नोबल पुरस्कार विजेता कवि गुरुदेव रवींद्र नाथ ठाकुर की एक और कविता का अनुवाद प्रस्तुत कर रहा हूँ। यह उनकी अंग्रेजी भाषा में प्रकाशित जिस कविता का भावानुवाद है, उसे अनुवाद के बाद प्रस्तुत किय […]

  • आज एक अलग किस्म का गीत याद आ रहा है। अलग तरह का इसके पुरुष गायक के कारण! जी हाँ, जब गायक लोग स्टेज प्रोग्राम में गाते हैं, तो अक्सर यह चेक करते हैं कि साउंड सिस्टम में पर्याप्त  ‘ईको’ है या नहीं, जिससे उनक […]

  • दो-तीन दिन के लिए गोवा छोड़कर, बेटे के पास बंगलौर में हूँ, जिसने नई नौकरी जॉइन की है और इसलिए वह कुछ समय के लिए फोर्स्ड बेचलर भी है।

    टाउनशिप कहें या नेबरहुड कहें, कैसे-कैसे बसने लगे हैं, शहर के अंदर एक नया न […]

  • हम अपने जीवन में बहुत सी अच्छी कविताएं और गज़लें सुनते हैं, उनका आनंद लेते हैं। कुछ गीत पंक्तियां, कुछ शेर ऐसे हो जाते हैं जिनको अक्सर ‘उद्धृत’ किया जाता है, लोग अपनी बात पर बल देने के लिए उनको ‘क़ोट’ करते हैं। […]

  • Today we discuss here something that binds the whole world together. Our life, relations, friends all would become meaningless if we lose faith in them.

    I read about a tribe somewhere in the world. They dance […]

  • आज गुलाम अली जी की गायी एक ऐसी गज़ल शेयर कर रहा हूँ, जिसको सुनकर विशेष रूप से मेरी गुलाम अली जी की गायकी में विशेष रुचि पैदा हुई थे, यह वर्ष 1980 के आसपास की बात है शायद। इससे पहले भी अनेक गज़ल गायकों को सुन […]

  • आज फिर से, लीजिए प्रस्तुत है एक और पुराना ब्लॉग|

    आज दुष्यंत कुमार जी का एक शेर याद आ रहा है-

    पहाडों के क़दों की खाइयां हैं
    बुलंदी पर बहुत नीचाइयां हैं।

    यह शेर दुष्यंत जी की एक गज़ल से है, जो आपातकाल के दौरान […]

  • आज मैं फिर से भारत के नोबल पुरस्कार विजेता कवि गुरुदेव रवींद्र नाथ ठाकुर की एक और कविता का अनुवाद प्रस्तुत कर रहा हूँ। यह उनकी अंग्रेजी भाषा में प्रकाशित जिस कविता का भावानुवाद है, उसे अनुवाद के बाद प्रस्तुत किय […]

  • इंसान के बारे में बहुत सारी विशेषताएं लोग समय-समय पर बताते हैं। उनमें से एक यह भी है कि वह एक सामाजिक प्राणी है, और सामाजिक होने का मतलब यह भी है कि वह एक प्रतिक्रियाशील प्राणी है, क्योंकि अगर वह किसी बात पर प […]

  • Life in itself is full of a series of questions. In the beginning of civilization or rather before that, when human beings came into existence, survival was the biggest question. There were the wild animals and […]

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