• It is our life and we choose a role for ourselves and that determines what success means to us and it may be quite different from others. There are so many things which frame our personality, it starts with the […]

  • आज, मैं फिर से भारत के नोबल पुरस्कार विजेता कवि  गुरुदेव रवींद्र नाथ ठाकुर की एक और कविता का अनुवाद प्रस्तुत कर रहा हूँ। यह उनकी अंग्रेजी भाषा में प्रकाशित जिस कविता का भावानुवाद है, उसे अनुवाद के बाद प्रस्त […]

  • कभी हुआ कि घर में कामवाली अपने साथ अपने 5-6 साल के बेटे को ले आई, वह बच्चा घर में इधर-उधर घूमता है, कमर से हाथ पीछे करके निरीक्षण करता है, ये अच्छी बात है कि उसको यह एहसास नहीं है कि यहाँ उसकी मां […]

  • आज फिर से सपनों की बात करते हैं, सपने वे जो हम अपने जीवन के बारे में जीते-जागते देखते हैं, इतने कि वे हमारी नींद के दौरान भी आने के लिए मज़बूर हो जाएं।
    मेरा सपना रहा है हमेशा से क्रिएटिव राइटिंग के क् […]

  • आज फिर से एक पुरानी ब्लॉग पोस्ट शेयर कर रहा हूँ, कल मैंने ज़िक्र किया था कि दो ऐसी पोस्ट हैं, जो रहस्य से जुड़ी हैं, ऐसी जिनके बारे में शायद आपने सुना हो या पढ़ा हो कि ऐसा होता है, आज उनमें से ही, मेरे एक मित […]

  • आज फिर से एक पुरानी ब्लॉग पोस्ट शेयर कर रहा हूँ, असल में दो ऐसी पोस्ट हैं, जो रहस्य से जुड़ी हैं, ऐसी जिनके बारे में शायद आपने सुना हो या पढ़ा हो कि ऐसा होता है, लेकिन यहाँ मेरे एक मित्र के संस्मरण के रूप में है […]

  • आज, मैं फिर से भारत के नोबल पुरस्कार विजेता कवि गुरुदेव रवींद्र नाथ ठाकुर की एक और कविता का अनुवाद प्रस्तुत कर रहा हूँ। यह उनकी अंग्रेजी भाषा में प्रकाशित जिस कविता का भावानुवाद है, उसे अनुवाद के बाद प्रस्तुत किय […]

  • अभी कहीं यह उल्लेख हुआ था कि ‘राइटर्स ब्लॉक’ को तोड़ने के लिए, मतलब कि अगर आप कुछ नया नहीं लिख पा रहे हों, तो आपको अपने कोई स्वप्न याद करने चाहिएं और उनको लिख डालना चाहिए, अब यह फैसला आप बाद में कर सकते है […]

  • धन्यवाद जी, हाँ बुज़ुर्गों के लिए आधुनिक विज्ञान से जुड़ी बहुत सी बातों को स्वीकार करने में कठिनाई आती है।

  • आज ज़नाब अहमद फराज़ साहब की लिखी एक गज़ल याद आ रही है, जिसे गुलाम अली साहब ने बहुत सुंदर ढंग से गाया है। इस छोटी सी गज़ल में बहुत गहरी बात,अहमद फराज़ साहब ने बहुत सरल अंदाज़ में कह दी हैं, आइए इस गज़ल का आन […]

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    आज ताऊ जी के बारे में कुछ बात कर लेते हैं।

     

     

    ताऊ जी, हमारे बहुत पहले छूटे हुए गांव के एक ऐसे कैरेक्टर हैं, जिनको शुरू से ही घूमना, विशेष रूप से शहर की रौनक देखना पसंद रहा है।

    ताऊ जी जब घर में आ […]

  • समुद्र किनारे से सूर्यास्त देखकर एक शेर याद आ रहा है, शायद मीना कुमारी का लिखा हुआ है-

     

     

    ढूंढ़ते रह जाएंगे, साहिल पे कदमों के निशां,
    रात के गहरे समंदर में उतर जाएगी शाम।

     

    आज के लिए इतना ही।
    नमस्कार।

     

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  • आज फिर से एक पुरानी ब्लॉग पोस्ट शेयर कर रहा हूँ, लीजिए प्रस्तुत है ये पुरानी ब्लॉग पोस्ट-

     

     

    ज़नाब राहत इंदौरी का एक शेर याद आ रहा है जो उन्होंने किसी प्रोग्राम में पढ़ा था-

    बनके इक हादसा, किरदार में आ जाएगा […]

  • आज, मैं फिर से भारत के नोबल पुरस्कार विजेता कवि गुरुदेव रवींद्र नाथ ठाकुर की एक और कविता का अनुवाद प्रस्तुत कर रहा हूँ। यह उनकी अंग्रेजी भाषा में प्रकाशित जिस कविता का भावानुवाद है, उसे अनुवाद के बाद प्रस्तुत किय […]

  • आज फिर हिंदी कवि सम्मेलनों में काफी लोकप्रिय कवि रहे- स्व. देवराज दिनेश जी की एक कविता शेयर कर रहा हूँ। स्व. देवराज दिनेश जी वैसे व्यंग्य कविताओं के लिए प्रसिद्ध थे, लेकिन उन्होंने बहुत से गीत भी लिखे थे और […]

  • आज फिर से पुराने ब्लॉग का दिन है, लीजिए प्रस्तुत है ये पुरानी ब्लॉग पोस्ट-

     

     

    बरसात का मौसम अपने हिस्से की तबाही मचाकर जाने वाला है, अब गरीबों को सर्दी का सामना करना ह […]

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