• लंदन में दूसरे वर्ष में यह दूसरा आगमन है, पिछले वर्ष मैंने अपनी लंदन यात्रा पर कुछ ब्लॉग-पोस्ट लिखी थीं, वैसे भी पहली बार की बात ही कुछ और होती है। इस वर्ष फिर से मैं लंदन में हूँ, अपनी पत्नी के साथ, बेटा-बहू के […]

  • The idea of nationalism is most relevant today . Though in our holy scriptures it is written ‘Janani Janmabhumishcha, Svargaadapi Gariyasi’ i.e. The mother and motherland are more precious than hea […]

  • आज फिर से मैं अपने एक अत्यंत प्रिय गीत कवि स्व. भारत भूषण जी का एक गीत शेयर कर रहा हूँ। वे एक ऐसे गीत कवि थे जिनको सुनने के लालच के कारण बहुत सी बार किसी कवि सम्मेलन में जाना सार्थक हो जाता था।

    भारत भूषण ज […]

  • आज हम अपना महान स्वाधीनता दिवस मना रहे हैं। आज से 72 वर्ष पूर्व आज ही के दिन, जिस समय मैं यह ब्लॉग लिख रहा हूँ, उस समय हम तब के हमारे शासकों, अंग्रेजों के विदेशी शासन से मुक्त हुए थे, भारत में आधी रात का समय, मै […]

  • आज फिर से पुराने ब्लॉग का दिन है, लीजिए प्रस्तुत है ये पुरानी ब्लॉग पोस्ट-
    आज स्वास्थ्य और इस बहाने स्वास्थ्य सेवाओं के बारे में बात करेंगे।

    वैसे तो मुझे लगता है कि आज की तारीख में हिंदुस्तान मे […]

  • आज मैं फिर से भारत के नोबल पुरस्कार विजेता कवि गुरुदेव रवींद्र नाथ ठाकुर की एक और कविता का अनुवाद प्रस्तुत कर रहा हूँ। यह उनकी अंग्रेजी भाषा में प्रकाशित जिस कविता का भावानुवाद है, उसे अनुवाद के बाद प्रस्तुत किय […]

  • रविवार का दिन, सो मौका था कि परिवार के साथ कोई स्थान देखने जाएं लंदन में। आज बच्चों ने हाइड पार्क दिखाने का फैसला किया। जैसा मैंने पहले भी बताया है, हमारे घर के पास ही कैनरी व्हार्फ ट्यूब स्टेशन है। सो हमने यहाँ स […]

  • आज फिर से मन है कि मेरे प्रिय गीत कवियों में से एक, मेरठ के सुमधुर गीत-सर्जक स्व. भारत भूषण जी का एक गीत शेयर करूं। अभिव्यक्ति में भावों की सघनता क्या होती है, यह इन गीतों से मालूम होता है, थोड़े से शब्दो […]

  • The Modi government has taken some really bold and revolutionary decisions, most important amongst them are the banning of Triple Talaaq and now the latest one- doing away with Article 370 of the […]

  • अपने लंदन में होने की खबर तो मैंने कल दे दी थी। अब एक फर्क़ तो ये पड़ेगा कि मेरा ब्लॉग का आलेख पोस्ट करने का टाइम बदल जाएगा। जैसे मैं यहाँ देर रात में पोस्ट करूंगा तो वो चिट्ठी भारत में ब्रह्म-मुहूर्त में खुलेगी। ज […]

  • पिछले वर्ष लंदन आया था जून में और एक माह तक यहाँ रहने के बाद जुलाई में वापस गोवा गया था। इस बार फिर लंदन आ पहुंचा हूँ, आशा करता हूँ कि इस बार के प्रवास में भी कुछ अच्छा शेयर कर पाऊंगा।

     

    लंदन में मेरे […]

  • आज फिर से पुराने ब्लॉग का दिन है, लीजिए प्रस्तुत है ये पुरानी ब्लॉग पोस्ट-

    अब फिर से लौटकर आवारगी पर आता हूँ, आवारगी की बात मैंने एक ब्लॉग में की और कहा कि आगे भी इस विषय में बात करूंगा, मुझे लगता कुछ और नाम […]

  • आज हिंदी नवगीत आंदोलन के एक प्रमुख हस्ताक्षर रहे स्व. रमेश रंजक जी का एक गीत शेयर कर रहा हूँ, मैंने शुरू में भी रंजक जी के कुछ गीत शेयर किए हैं।

    आज का गीत, कुछ यूं समझिए कि जैसे शाम होती है, विशेष रूप से महान […]

  • आज मैं फिर से भारत के नोबल पुरस्कार विजेता कवि गुरुदेव रवींद्र नाथ ठाकुर की एक और कविता का अनुवाद प्रस्तुत कर रहा हूँ। यह उनकी अंग्रेजी भाषा में प्रकाशित जिस कविता का भावानुवाद है, उसे अनुवाद के बाद प्रस्तुत किय […]

  • बहुत सी बार मंच के कुछ ऐसे पुराने कवि याद आते हैं जिनकी कुछ रचनाएं बहुत लोकप्रिय हुई थीं, ऐसे ही एक कवि थे स्व. शिशुपाल सिंह ‘निर्धन’ जी, उनकी बहुत सी अच्छी रचनाएं होंगी, लेकिन यह रचना बहुत प्रसिद्ध थी, जिसे […]

  • आज हिंदी काव्य मंचों के अत्यंत प्रसिद्ध कवियों में से एक, स्व. रमानाथ अवस्थी जी का एक गीत शेयर करने का मन हो रहा है। जैसे किसी ने कहा है-

    ‘मंज़िलें उन्हीं को मिलती हैं, जिनके सपनों में जान होती है,
    सिर्फ पंखों से […]

  • आज मैं फिर से भारत के नोबल पुरस्कार विजेता कवि गुरुदेव रवींद्र नाथ ठाकुर की एक और कविता का अनुवाद प्रस्तुत कर रहा हूँ। यह उनकी अंग्रेजी भाषा में प्रकाशित जिस कविता का भावानुवाद है, उसे अनुवाद के बाद प्रस्तुत किय […]

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