• आज फिर एक पुराना गीत याद आ रहा है। जैसे कि दुनिया में होता ही है और फिल्में भी तो हमारी-आपकी दुनिया का आइना ही हैं! प्रेम जीवन का और इसीलिए साहित्य का, कथा-कहानियों का भी मुख्य तत्व होता है और इसी प्रकार फ […]

  • आज फिर से पुराने ब्लॉग का दिन है, लीजिए प्रस्तुत है एक और पुराना ब्लॉग-
    आज सोशल मीडिया के बारे में बात कर लेता हूँ, ये ब्लॉग लिखने का मेरा उद्देश्य यही है कि मैं विभिन्न विषयों पर अपने विचारों को संकलि […]

  • आज मैं फिर से भारत के नोबल पुरस्कार विजेता कवि गुरुदेव रवींद्र नाथ ठाकुर की एक और कविता का अनुवाद प्रस्तुत कर रहा हूँ। यह उनकी अंग्रेजी भाषा में प्रकाशित जिस कविता का भावानुवाद है, उसे अनुवाद के बाद प्रस्तुत किय […]

  • आज मैं फिर से भारत के नोबल पुरस्कार विजेता कवि गुरुदेव रवींद्र नाथ ठाकुर की एक और कविता का अनुवाद प्रस्तुत कर रहा हूँ। यह उनकी अंग्रेजी भाषा में प्रकाशित जिस कविता का भावानुवाद है, उसे अनुवाद के बाद प्रस्तुत किय […]

  • आज हिंदी कविता, विशेष रूप से गीतों के एक अनूठे हस्ताक्षर- स्व. भारत भूषण जी का एक और गीत शेयर कर रहा हूँ। भारत भूषण जी मेरे प्रिय गीत कवि रहे हैं और अनेक बार उनको मंचों से कविता-पाठ करते सुनने का अवसर मिला है। कु […]

  • I am not very old in the field of blogging. I had been writing poems long time back when I was in Delhi. Whenever I, or anybody else for that matter, wrote a new poem, it was a strong desire that the poem be […]

  • आज हिंदी गीतों के एक अत्यंत लोकप्रिय हस्ताक्षर रहे स्व. रामावतार त्यागी जी का एक गीत शेयर कर रहा हूँ। इस गीत में त्यागी जी ने एक जुझारू कलाकार के जज़्बे को अभिव्यक्ति दी है, जो यह हौसला रखता है कि वह अपने समर्पण […]

  • आज हिंदी गीतों के एक महान हस्ताक्षर स्व. गोपाल दास नीरज जी की याद आ रही है।

    हिंदी कविता और विशेष रूप से मंचीय गीत कवियों में अलग-अलग कवियों का जमाना रहा था। एक समय था जब मंचों पर बच्चन जी बहुत लोकप्रिय थे, उ […]

  • आज कैफ भोपाली साहब की लिखी एक गज़ल याद आ रही है। वैसे तो गज़ल के सभी शेर स्वतंत्र होते हैं और वे अलग-अलग बात कह सकते हैं, लेकिन इस गज़ल में एक बात जो एक-दो शेरों में विशेष रूप से उभरकर आती है, वह है कि आस […]

  • आज कुछ विचार आ रहे हैं दिमाग में और साथ ही एक पुराना गीत याद आ रहा है।
    हम सभी ईश्वर के सामने जाते हैं अपनी-अपनी फरियादें, कामनाएं लेकर और चाहते हैं कि वे पूरी हो जाएं। आजकल इंस्टेंट रिज़ल्ट की उम्मीद में लोग बा […]

  • आज मैं फिर से भारत के नोबल पुरस्कार विजेता कवि गुरुदेव रवींद्र नाथ ठाकुर की एक और कविता का अनुवाद प्रस्तुत कर रहा हूँ। यह उनकी अंग्रेजी भाषा में प्रकाशित जिस कविता का भावानुवाद है, उसे अनुवाद के बाद प्रस्तुत किय […]

  • कल एक गज़ल शेयर की थी राज़ इलाहाबादी साहब की और ये बात की थी कि कैसे कवि-शायर लोग दुख में, गम में भी स्वाद ढूंढ लेते हैं। आज भी गज़ल के माध्यम से आंसुओं के स्वाद की बात करेंगे, ‘ इस उम्र से हूँ लज्ज्ज़्त-ए- गिरिया […]

  • आज एक पुरानी गज़ल याद आ रही है, जिसे अनूप जलोटा जी ने गाया है, शायद कुछ और कलाकारों ने भी गाया होगा। अब ये कवि-शायर लोग ही होते हैं, जो दुख में, गम में भी स्वाद ढूंढ लेते हैं। वैसे गज़ल में हर शेर स्वतंत्र होता है, […]

  • आज मैं फिर से भारत के नोबल पुरस्कार विजेता कवि गुरुदेव रवींद्र नाथ ठाकुर की एक और कविता का अनुवाद प्रस्तुत कर रहा हूँ। यह उनकी अंग्रेजी भाषा में प्रकाशित जिस कविता का भावानुवाद है, उसे अनुवाद के बाद प्रस्तुत किय […]

  • आज मैं फिर से भारत के नोबल पुरस्कार विजेता कवि गुरुदेव रवींद्र नाथ ठाकुर की एक और कविता का अनुवाद प्रस्तुत कर रहा हूँ। यह उनकी अंग्रेजी भाषा में प्रकाशित जिस कविता का भावानुवाद है, उसे अनुवाद के बाद प्रस्तुत किय […]

  • कुछ विज्ञापन वास्तव में बहुत सुंदर बन जाते हैं। ऐसा ही एक विज्ञापन आजकल टीवी पर आता है, शायद सारेगामा- पुराने गानों के संग्रह के बारे में, विज्ञापन में एक वृद्ध पिता घर के आंगन में अखबार पढ़ रहे हैं, उनका युव […]

  • आज फिर से पुराने ब्लॉग का दिन है, लीजिए प्रस्तुत है एक और पुराना ब्लॉग-
    जिस प्रकार मौसम पर बात करना बहुत आसान सा काम होता है, टाइम पास वाला काम, अगर आप इसको भी काम कहना चाहें, उसी प्रकार अपने मुहल्ले के बारे मे […]

  • Today I am making my submission on the #IndiSpire prompt, which says-

    Would you rather be a specialist or a generalist? Future society will need more specialists or polymaths? Your thoughts on this debate which […]

  • राजकपूर जी की प्रसिद्ध फिल्म- ‘संगम’ के कुछ गीत शेयर करने के क्रम में आज यह अंतिम प्रस्तुति है। मैंने 2-3 गीत छोड़ दिए हैं और आज अंतिम गीत इस फिल्म से शेयर कर रहा हूँ।

     

     

    जैसा कि मैंने पहले भी लिखा है- प् […]

  • पिछले तीन दिनों से मैं राजकपूर जी की प्रसिद्ध फिल्म- ‘संगम’ के कुछ गीत शेयर कर रहा हूँ। सचमुच वह एक अलग ही समय था जब किसी-किसी फिल्म का हर गीत मास्टरपीस होता था और हर गीत सुपरहिट होता था।

    जैसा कि मैंने पहले भी […]

  • Load More