Category: Uncategorized

Journey continues forever!

I remember a lovely song from a Hindi movie which says- ‘Zindagi ka safar, hai ye kaisa safar, koi samjhaa nahi, koi jaana nahi’. This song says that our life is an unending journey, we are in this journey, as […]

मुझे मिले कुछ पुराने पत्र – रवींद्रनाथ ठाकुर

आज भी मैं भारत के नोबल पुरस्कार विजेता कवि  गुरुदेव रवींद्र नाथ ठाकुर की एक और कविता का अनुवाद प्रस्तुत कर रहा हूँ। यह उनकी अंग्रेजी भाषा में प्रकाशित जिस कविता का भावानुवाद है, उसे अनुवाद के बाद प्रस्तुत किया […]

कमाई के वैकल्पिक तरीके

पिछले दिनों प्रधानमंत्री मोदी जी ने एक बात कह दी थी कि पकौड़े बेचना भी कमाई का एक तरीका हो सकता है। यह बात जिस संदर्भ में कही गई थी उसमें सही थी लेकिन विरोधियों को जैसे इसे लेना चाहिए, […]

मरण-मिलन (मृत्यु-विवाह)

आज मैं भारत के नोबल पुरस्कार कवि गुरुदेव रवींद्र नाथ ठाकुर की एक और कविता का अनुवाद प्रस्तुत कर रहा हूँ। यह उनकी अंग्रेजी भाषा में प्रकाशित जिस कविता का भावानुवाद है, उसे अनुवाद के बाद प्रस्तुत किया गया है। […]

A Gadget invention of my choice!

This is weekend time and almost every weekend there is time for me to write based on two prompts, this is the second one. This one also is a bit similar to one I had attempted earlier, but I would […]

Real Happiness, we need to achieve!

Again it is time for writing based on a weekly prompt. I found that I had recently written on a similar subject, so presenting that post with a little bit of editing. The question is –1.How happy are you? Actually […]

मेरी पराश्रितता – रवींद्रनाथ ठाकुर

आज मैं भारत के नोबल पुरस्कार कवि  गुरुदेव रवींद्र नाथ ठाकुर की एक और कविता का अनुवाद प्रस्तुत कर रहा हूँ। यह उनकी अंग्रेजी भाषा में प्रकाशित जिस कविता का भावानुवाद है, उसे अनुवाद के बाद प्रस्तुत किया गया है। […]

41. मधु का सागर लहराता था…!

यादों के समुंदर में एक और डुबकी,लीजिए प्रस्तुत है एक और पुराना ब्लॉग! मैंने कितनी नौकरियों और अलग-अलग स्थानों पर तैनाती के बहाने से अपनी राम-कहानी कही है, याद नहीं। लेकिन आज दो नौकरियों की याद आ रही है, जिनका […]

वसंत का एक दिन – रवींद्रनाथ ठाकुर

आज मैं भारत के नोबल पुरस्कार कवि  गुरुदेव रवींद्र नाथ ठाकुर की एक और कविता का अनुवाद प्रस्तुत कर रहा हूँ। यह उनकी अंग्रेजी भाषा में प्रकाशित जिस कविता का भावानुवाद है, उसे अनुवाद के बाद प्रस्तुत किया गया है। […]

Ad


blogadda

blog-adda

top post

BlogAdda

Proud to be an IndiBlogger

Skip to toolbar