119. धरती के कागज़ पर मेरी तस्वीर अधूरी रहनी थी!

हिंदी के एक अत्यंत श्रेष्ठ गीतकार थे श्री भारत भूषण जी, मेरठ के रहने वाले थे और काव्य मंचों पर मधुरता बिखेरते थे। मैं यह नहीं कह सकता कि वे सबसे लोकप्रिय थे, परंतु जो लोग कवि-सम्मेलनों में कविता, गीतों […]

118. ये धुआं सा कहाँ से उठता है!

एक किस्सा याद आ रहा है, एक सज्जन थे, नशे के शौकीन थे, रात में सोते समय भी सिगरेट में नशा मिलाकर पीते थे, एक बार सुट्टे मारते-मारते सो गए, और बाद में अचानक उन्हें धुआं सा महसूस हुआ, कुछ […]

117. पतंगबाज़ी मुबारक!

देश में कुछ अवसरों पर पतंगबाज़ी का माहौल बनता है, जिनमें से एक शायद मकर संक्रांति का अवसर है। आज से लेकर अगले दो-तीन दिनों तक भी देश में पतंगबाज़ी का माहौल रहने वाला है। यह पतंगबाज़ी होगी विभिन्न टीवी […]

116. फिरता है चांदनी में कोई सच डरा-डरा!

दुष्यंत कुमार जी का एक शेर है- खरगोश बनके दौड़ रहे हैं तमाम ख्वाब, फिरता है चांदनी में कोई सच डरा-डरा। यह शेर वैसे तो आपात्काल में लिखी गई उनकी गज़लों के संग्रह ‘साये में धूप’ से लिया गया है, […]

115. सुविधा की होड़ और विद्रोही मुद्राएं!

आज अपने ही एक गीत के बहाने बात कर लेता हूँ। शायद मैंने यह कविता पहले भी शेयर की हो, जब मैंने शुरू के अपने ब्लॉग, अपने जीवन के विभिन्न चरणों के बहाने, अपने बचपन से प्रारंभ करके लिखे थे, […]

114. वो कर रहा था मुरव्वत भी दिल्लगी की तरह!

कुछ विषय ऐसे हैं, कि जब आपके पास बात करने के लिए कोई विषय न हो, तब आप इनको लेकर अपना स्वेटर या कहें कि आलेख बुन सकते हैं। जैसे एक विषय है मौसम, दूसरा है प्यार! वैसे प्यार कौन […]

सुप्रभात

रंग पैराहन का, खुशबू ज़ुल्फ लहराने का नाम, मौसम-ए-गुल है तुम्हारे बाम पर आने का नाम। आपका दिन शुभ हो।

113. तानसेन

आज तानसेन से जुड़ा एक प्रसंग याद आ रहा है, जो कहीं सुना या पढ़ा था। अकबर के दरबार में तानसेन गाते थे और सभी मंत्रमुग्ध होकर सुनते थे। अकबर उनकी भरपूर तारीफ करते, कहते तानसेन आप कितना सुंदर गाते […]

112. बच्चा स्कूल जा रहा है!

आज बिना किसी भूमिका के, निदा फाज़ली साहब की एक नज़्म शेयर कर रहा हूँ, यह नज़्म खुद इतना कहती है कि मैं उसके आगे क्या कह पाऊंगा! बच्चा जब स्कूल जाता है, शिक्षा प्राप्त करता है, अपने लिए और […]

111. परदेसियों को है एक दिन जाना!

विख्यात फिल्म अभिनेता शशि कपूर नहीं रहे। वैसे तो वे लंबे समय से बीमार थे, काफी दिन पहले जब उनको दादा साहब फाल्के पुरस्कार प्रदान किया गया था, तब वह भी उनके अपने स्थान पर दिया गया था और वे […]

Ad


blogadda

blog-adda

top post

BlogAdda

Proud to be an IndiBlogger

Skip to toolbar