Tag: #COVID-19

कोरोना और उसका टीका!

हमारे देश में भी कोरोना की महामारी पिछले 3-4 महीने से कहर बरपा कर रही है और इस समय यह अपने चरम पर है| पहले  हम आंकड़ों की दृष्टि से काफी पीछे थे, लेकिन अब बढ़ते-बढ़ते विश्व में तीसरे नंबर […]

क्या जाने किस भेष में बाबा!

  हमारे यहाँ बहुत पुरानी मान्यता है और उस मान्यता को मान्यता देते हुए, एक फिल्मी गीत भी था-   बड़े प्यार से मिलना सबसे, दुनिया में इंसान रे, क्या जाने किस भेष में बाबा, मिल जाए भगवान रे!   […]

कोरोना संकट- जनता, सरकार और विपक्ष!

आज एक बार फिर से मैं कोरोना संकट और लॉक डाउन के अनुभव के बारे में बात कर रहा हूँ| मैं वैसे पणजी, गोवा में रहता हूँ लेकिन लॉक-डाउन की पूरी अवधि बंगलौर में गुज़री है| लगे हाथ यहाँ के […]

कोरोना के असहाय शिकार!

आज कोरोना के खतरे के बाद देश में बनी परिस्थितियों की चर्चा कर रहा हूँ| कितनी भयंकर विपदा यह संपूर्ण मानव जाति पर आई है, ये आप सभी जानते हैं| चीन से शुरू होकर कोरोना के इस दैत्य ने इटली, […]

Corona, Lock Down and Masks!

Today again talking about the Pandemic Covid-19, lock down regulations etc. There is a question asked whether I wear mask, and when was the first time I saw somebody wearing a mask etc.     Let me say that I […]

चुनौती कोरोना और लॉक डाउन की!

एक बार फिर से आज कोरोना के बारे में चर्चा करने का मन है। यद्यपि हमारे देश का निष्पादन पश्चिम के देशों के मुकाबले कहीं अच्छा रहा है, शायद इसमें जलवायु और बचपन में लगने वाले टीकों का भी कुछ […]

Utilising Lockout time!

Today I would write about my experience and routine activity during Lockout. I have been a retired person for last 10 years. Before that I worked near Lucknow. After retirement I shifted to Gurgaon, lived there for around 5 years […]

कोरोना के खतरे के बीच!

आजकल दुनिया भर में फैली कोरोना की महामारी, हजारों लोग इस भयावह रोग की भेंट चढ़ चुके हैं, ऐसे में  आज के वातावरण के बारे में कुछ बात करने का मन है। यह एक ऐसा वातावरण है, जिसका अनुभव मुझे […]

आज सड़क के जीव उदास हैं!

आज बाबा नागार्जुन जी की एक प्रसिद्ध कविता याद आ रही है- ‘अकाल और उसके बाद’। इस कविता में अकाल के प्रभाव को बड़े सुंदर तरीके से दर्शाया गया है। जब घर में चूल्हा जलता है तब केवल घर के […]

Testing times for the human race!

We often learn from our scriptures, in the preachings and poetry of our Saints that it is our miseries which teach us the most effective lessons. I remember a famous poetry piece I think it is written by Goswami Tulsidas […]

Ad


blogadda

blog-adda

top post

BlogAdda

Proud to be an IndiBlogger

Skip to toolbar