Tag: #Geet

रत्नों मढ़ी किताब, हमारे पास नहीं – किशन सरोज

प्रसिद्ध गीत कवि स्व. श्री किशन सरोज जी का स्मरण करते हुए उनके कुछ गीत शेयर कर रहा हूँ, वैसे तो उनका हर गीत बेमिसाल है, आज एक और गीत शेयर कर रहा हूँ। किशन सरोज जी प्रेम के और […]

ले न पाए हम प्रशंसा-पत्र कोई भीड़ से – किशन सरोज

भारतीय गणतंत्र दिवस के अवसर पर सभी को हार्दिक बधाई। कल ही मैंने प्रसिद्ध गीत कवि स्व. श्री किशन सरोज जी का स्मरण करते हुए उनका एक गीत शेयर किया था, आज मन हो रहा है कि उनका एक और […]

जन्म जन्मों ताल सा हिलता रहा मन!

कुछ दिन पहले ही प्रसिद्ध गीत कवि श्री किशन सरोज जी के निधन की खबर आई थी, मैं बाहर था अतः समय पर उनके बारे में नहीं लिख पाया। स्व. किशन सरोज जी बहुत ही प्यारे गीतकार थे, एनटीपीसी में […]

ऐसे ही मैं सिमटा- सिहरा, बिखरा तेरे वक्षस्थल में!

आज एक बार फिर से मेरे प्रिय कवियों में से एक, स्वर्गीय भारत भूषण जी का एक मधुर गीत शेयर कर रहा हूँ। श्री भारत भूषण जी बड़ी नाज़ुक भावनाओं को बड़ी खूबसूरती से अभिव्यक्त करने में माहिर थे और […]

श्रीकृष्ण शर्मा ‘अशेष’ की रचनायें-17 / शारदे मां शारदे

मेरी उपलब्ध रचनाएं यहाँ शेयर करने का आज सत्रहवां दिन है, इस प्रकार जहाँ इन सबको, जितनी उपलब्ध हैं, एक साथ शेयर कर लूंगा जिससे यदि कभी कोई संकलनकर्ता इनको ऑनलाइन संकलन में शामिल करना चाहे तो कर ले। इसके […]

श्रीकृष्ण शर्मा ‘अशेष’ की रचनायें-10, ज़िंदगी एक अंधा कुआं!

मेरी उपलब्ध रचनाएं यहाँ शेयर करने का आज दसवां दिन है, इस प्रकार जहाँ इन सबको, जितनी उपलब्ध हैं, एक साथ शेयर कर लूंगा जिससे यदि कभी कोई संकलनकर्ता इनको ऑनलाइन संकलन में शामिल करना चाहे तो कर ले। इसके […]

श्रीकृष्ण शर्मा ‘अशेष’ की रचनायें-4 : सन्नाटा शहर में!

मेरी उपलब्ध रचनाएं यहाँ शेयर करने का आज चौथा दिन है, इस प्रकार जहाँ इन सबको, जितनी उपलब्ध हैं, एक साथ शेयर कर लूंगा जिससे यदि कभी कोई संकलनकर्ता इनको ऑनलाइन संकलन में शामिल करना चाहे तो कर ले। इसके […]

श्रीकृष्ण शर्मा ‘अशेष’ की रचनायें-3, ‘हम शंटिंग ट्रेन हो गए’!

मेरी उपलब्ध रचनाएं यहाँ शेयर करने का आज तीसरा दिन है, इस प्रकार जहाँ इन सबको, जितनी उपलब्ध हैं, एक साथ शेयर कर लूंगा जिससे यदि कभी कोई संकलनकर्ता इनको ऑनलाइन संकलन में शामिल करना चाहे तो कर ले। इसके […]

गुनगुनाती रही वेदना!

आज फिर से हिंदी काव्य मंचों के एक पुराने लोकप्रिय हस्ताक्षर- स्व. गोपाल सिंह नेपाली जी का एक गीत शेयर कर रहा हूँ। गीत स्वयं अपनी बात कहता है, इसलिए मुझे ज्यादा कहने की आवश्यकता नहीं, लीजिए इस गीत का […]

मिला नहीं कोई भी ऐसा, जिससे अपनी पीर कहूं मैं!

आज फिर से मैं अपने एक अत्यंत प्रिय गीत कवि स्व. भारत भूषण जी का एक गीत शेयर कर रहा हूँ। कविता, गीत आदि स्वयं अपनी बात कहते हैं और जितना ज्यादा प्रभावी रूप से कहते हैं, वही उसकी सफलता […]

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