Tag: #Loneliness

भीड़ है क़यामत की, फिर भी हम अकेले हैं!

आज फिर से एक पुरानी ब्लॉग पोस्ट शेयर कर रहा हूँ- एक हिंदी फिल्म आई थी गमन, जिसमें ‘शहरयार’ की एक गज़ल का बहुत खूबसूरत इस्तेमाल किया गया था। वैसे यह गज़ल, आजकल की भागदौड़ भरी ज़िंदगी की घुटन, कुंठाओं […]

मुझे इस शहर ने गलियों का बंजारा बना डाला!

आज गुलाम अली साहब का गाया हुआ एक गीत याद आ रहा है, जिसे 1990 में रिलीज़ हुई फिल्म- आवारगी में फिल्माया गया था, गीत को लिखा है- आनंद बक्षी जी ने और संगीत अनु मलिक जी का है। कुल […]

अब किसी भी बात पर खुलती नहीं हैं खिड़कियां!

आज शहरयार जी की एक गज़ल के बहाने आज के हालात पर चर्चा कर लेते हैं। इससे पहले दुष्यंत जी के एक शेर को एक बार फिर याद कर लेता हूँ-       इस शहर में वो कोई बारात […]

रेल चली तो बैठी हुई थी, मेरे बराबर तन्हाई!

आज फिर से एक पुरानी ब्लॉग पोस्ट शेयर कर रहा हूँ- पिछला ब्लॉग लिखने का जब खयाल आया था, तब मन में एक छवि थी, बाद में लिखता गया और वह मूल छवि जिससे लिखने का सोचा था भूल ही […]

छोड़ जाएंगे ये जहाँ तन्हा!

आज फिर से एक पुरानी ब्लॉग पोस्ट शेयर कर रहा हूँ-     जीवन के जो अनुभव सिद्ध सिद्धांत हैं, वही अक्सर कविता अथवा शायरी में भी आते हैं, लेकिन ऐसा भी होता है कि कवि-शायर अक्सर खुश-फहमी में, बेखुदी […]

याद के चरन पखारते न बीत जाय रात!

लंदन प्रवास इस बार का भी समाप्त होने को है, एक सप्ताहांत और बाकी है इसमें। इस बीच आज मन हो रहा है कि सुकवि श्री सोम ठाकुर जी का एक प्यारा सा गीत शेयर कर लूं। कविता अपनी बात […]

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