Tag: #Society

एक पंछी भी यहाँ शायद नहीं है!

दुष्यंत कुमार जी हिंदी के एक श्रेष्ठ रचनाकार रहे हैं, हिंदी कविता में उनका अच्छा-खासा योगदान है लेकिन आम जनता के बीच उनको विशेष ख्याति उस समय मिली जब उन्होंने आपात्काल में विद्रोह का स्वर गुंजाने वाली गज़लें लिखीं, बाद […]

Our world and the evil forces!

Long back I had given an example from famous science fiction by H.G.Wells – The Island of Dr. Moreau, in an essay written by me for some competitive exam. In that novel the writer had woven a story according to […]

The Fittest Survive!

There was a time when our forefathers lived in jungles, as we are told. In jungles there is the law of the land, which tells that the powerful species survive. We hear about species which existed in the world earlier […]

बीते हुए दिन!

आज फिर से एक पुरानी ब्लॉग पोस्ट शेयर कर रहा हूँ-       अतीत में रहना अक्सर लोगों को अच्छा लगता है, मेरी उम्र के लोगों को और भी ज्यादा। कुछ लोग तो जब मौका मिलता है अतीत में […]

रेल चली तो बैठी हुई थी, मेरे बराबर तन्हाई!

आज फिर से एक पुरानी ब्लॉग पोस्ट शेयर कर रहा हूँ- पिछला ब्लॉग लिखने का जब खयाल आया था, तब मन में एक छवि थी, बाद में लिखता गया और वह मूल छवि जिससे लिखने का सोचा था भूल ही […]

Social media v/s Society!

Today once again I am talking about Social media. While thinking about social media, the first objection that rises in my mind is, how come it is called ‘Social’! Actually it is the thing that has destroyed all social connections […]

बहुत तलाश किया कोई आदमी ना मिला!

आज डॉ. बशीर बद्र जी की एक गज़ल याद आ रही है, डॉ. बद्र शायरी में एक्सपेरीमेंट करने के लिए जाने जाते हैं, इस गज़ल में भी उन्होंने कुछ बहुत अच्छे शेर कहे हैं। यह भी जीवन की एक सच्चाई […]

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