आज एक पुराना फिल्मी गीत याद आ रहा है, फिल्म- ‘सफर’ का, जिसमें राजेश खन्ना और शर्मिला टैगोर मुख्य भूमिकाओं में थे। इस फिल्म में मुकेश जी का गाया एक बहुत मधुर गीत भी था- ‘कहीं दूर जब दिन ढल जाए’, लेकिन एक और गीत जो बहुत लोकप्रिय हुआ और बहुत ही सारगर्भित गीत है, उसका अंग्रेजी में भावानुवाद करने का प्रयास मैं यहाँ कर रहा हूँ।

यह गीत गाया है- मन्ना डे जी ने, इसे लिखा है इंदीवर जी ने और इस फिल्म का संगीत दिया था कल्याण जी, आनंद जी ने और इस फिल्म के लगभग सभी गीत, अमर गीत थे। लीजिए मन्ना डे जी के गाये और उनके साथ कोरस के स्वरों में को मिलाकर अमर हुए इस गीत का पहले मैं अपनी ओर से किया गया अंग्रेजी भावानुवाद और उसके हिंदी में मूल गीत प्रस्तुत कर रहा हूँ।

पहले प्रस्तुत है अंग्रेजी में भावानुवाद-

You too have to move!

River moves, the stream does also move,
The moon moves, stars do also move,
You too have to move,
You too have to move!

Life doesn’t stop anywhere,
It doesn’t feel afraid of storms and the whirlwind,
If you don’t move, the paths would move,
and you would keep dreaming of your destination,
being left far behind.

Only those reached across, who kept travelling,
The one who stopped-
got trapped in a cyclone,
what to talk of a boat,
even the bank can be swept away,
the stream of time is very strong.

You too have to move,
You too have to move!

और अब प्रस्तुत है मूल हिंदी गीत, यदि आपको हिंदी फिल्मी गीत अच्छे लगते हैं तो आपने यह गीत भी अवश्य सुना होगा-

तुझको चलना होगा!

नदिया चले, चले रे धारा,
चन्दा चले, चले रे तारा,
तुझको चलना होगा, तुझको चलना होगा।

जीवन कहीं भी ठहरता नहीं है,
आँधी से तूफां से डरता नहीं है,
तू ना चलेगा तो चल देंगी राहें
मंज़िल को तरसेंगी तेरी निगाहें,
तुझको चलना होगा, तुझको चलना होगा ।

पार हुआ वो रहा जो सफ़र में,
जो भी रुका घिर गया वो भंवर में,
नाव तो क्या बह जाये किनारा,
बड़ी ही तेज़ समय की है धारा,
तुझको चलना होगा, तुझको चलना होगा।

आज के लिए इतना ही, नमस्कार ।
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