आज किशोर कुमार जी का गाया हुआ एक बहुत सुंदर गीत याद आ रहा है। यह गीत फिल्म- ‘बुड्ढा मिल गया’ के लिए आर.डी.बर्मन जी के संगीत निर्देशन में तैयार किया गया था। गीत के लेखक थे – श्री मजरूह सुल्तानपुरी जी।

पहले प्रस्तुत है, इस गीत का अंग्रेजी रूपांतर, जो मैंने करने का प्रयास किया है-

Last night a flower-bud appeared in my dreams-
and became a garland around my neck.
and when I got-up in the morning,
It were you only, who appeared before me first!

You may call it my crazy love, or laugh it out,
but I do not understand what has happened to me,
You tell me if possible-
that you put your steps on the floor only-
but why does it echo in my heart.
Last night a flower bud appeared in my dreams..

There is ‘Kaajal’ in your eyes,
And the curls of your hair appear like dark clouds,
Your lovely dusky face, charming appearance,
Make it appear like morning in the monsoon season,
since the time your lovely face-
has blossomed in my heart,
my world has become a bed of roses.
Last night a flower bud appeared in my dreams..

Though I keep coming across beauties almost every day-
those who appear like sunshine, ,
but when I looked at you, after seeing them,
You appeared much more adorable.
I had a strong desire to hold you in my arms-
not once but hundred times.
Last night a flower bud appeared in my dreams..

और अब प्रस्तुत है ये खूबसूरत गीत, अपने मूल रूप में-

रात कली एक ख्वाब में आई और गले का हार हुई
सुबह को जब हम नींद से जागे, आँख उन्हीं से चार हुई।

चाहे कहो इसे मेरी मोहब्बत, चाहे हँसी में उड़ा दो
ये क्या हुआ मुझे, मुझको खबर नहीं, हो सके तुम्हीं बता दो
तुमने कदम तो रखा ज़मीन पर, सीने में क्यों झनकार हुई।
रात कली एक ख्वाब..

आँखों में काजल और लटों में काली घटा का बसेरा
सांवली सूरत मोहनी मूरत, सावन रुत का सवेरा
जबसे ये मुखड़ा दिल में खिला है, दुनिया मेरी गुलज़ार हुई।
रात कली एक ख्वाब…

यूँ तो हसीनों के माहजबीनों के, होते हैं रोज़ नज़ारे
पर उन्हें देख के, देखा है जब तुम्हें, तुम लगे और भी प्यारे
बाहों में ले लूं, ऐसी तमन्ना एक नहीं कई बार हुई
रात कली एक ख्वाब…

आज के लिए इतना ही।
नमस्कार।
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